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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब गांधी के रास्ते कदम बढ़ाएगी भाजपा

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Fri, 03 Apr 2015 10:01 PM (IST)Updated: Fri, 03 Apr 2015 10:24 PM (IST)

राजनीतिक रणनीति पर सामाजिक भागीदारी और जिम्मेदारी का छौंक.। दिल्ली के चुनावी नतीजों से सतर्क भाजपा अब इसी अंदाज में आगे बढ़ेगी।

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बेंगलूरू, आशुतोष झा। राजनीतिक रणनीति पर सामाजिक भागीदारी और जिम्मेदारी का छौंक। दिल्ली के चुनावी नतीजों से सतर्क भाजपा अब इसी अंदाज में आगे बढ़ेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी का रास्ता सुझाया और शाह की पार्टी उसी राह आगे बढ़ने की तैयारी में जुट गई है। राह यह है कि पार्टी सामाजिक सरोकारों के साथ जनता से जुड़े और उसके साथ दिखे ताकि राजनीतिक मोर्चे पर भी जनता भाजपा के साथ खड़ी रहे। नौ करोड़ से ज्यादा सदस्यों के साथ विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनने वाली भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इसका खाका पकड़ा दिया है। कार्यकर्ताओं को अब उस कसौटी पर खरा उतरना होगा।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा ने सधी राजनीति के साथ आगे कदम बढ़ाने की मंशा जताई है। इसका आधार गुरुवार की बैठक में मोदी ने तय कर दिया था। उन्होंने महात्मा गांधी की सफलता का जिक्र करते हुए कहा था कि गांधी सामाजिक सरोकार के साथ जनता से जुड़े और उसी जनता ने उनके अभियान को आसमान तक पहुंचा दिया था। इस क्रम में उन्होंने कहा था कि गंगा के आसपास बसे दो ढाई हजार गांव में अगर भाजपा कार्यकर्ता सामाजिक सरोकार के साथ घरों में पैठ बना लें तो फिर राजनीतिक मुद्दों की जरूरत भी नहीं होगी।

शुक्रवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इसी लाइन को बढ़ाया। पिछली जीतों का जिक्र करते हुए उन्होंने दिल्ली की हार पर तो ज्यादा नहीं कहा लेकिन भविष्य के लिए जो खाका तैयार किया उसमें इसका खास ध्यान रखा कि पार्टी व्यक्तिगत रूप से हर तबके और वर्ग से जुड़े। बताते हैं कि हाथों से मल ढोने की समस्या को मिटाने का कार्यक्रम इसी लिहाज से रखा गया है। देश में 23 लाख परिवार अभी भी ऐसे हैं जो मजबूरीवश इस पेशे पर ही आश्रित हैं। भाजपा कार्यकर्ता अब इसके साथ साथ सरकार के लड़की बचाओ, लड़की पढ़ाओ और गंगा को प्रदूषणमुक्त करने जैसे सामाजिक मुद्दों से भी जुड़ेंगे। कार्यकर्ताओं को इसके लिए जिम्मेदार और जवाबदेह भी बनाया जाएगा।

नए सदस्यों के घर जाएंगे कार्यकर्ता

घर घर चलो जैसे राजनीतिक कार्यक्रम तो अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं लेकिन शाह के कार्यकर्ता उन करोड़ों नए सदस्यों के घर तक जरूर पहुंचेंगे जिन्होंने फोन के माध्यम से सदस्यता ली है। इसकी रूपरेखा की घोषणा भी शनिवार को की जाएगी। 15 लाख से ज्यादा सदस्यों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। लक्ष्य यह भी होगा कि इन सदस्यों को कार्यकर्ता मे परिवर्तित किए जाएं।

घोटाला राज से दिलाई मुक्ति

भाजपा अध्यक्ष ने दस माह की मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने देश को संप्रग सरकार के कार्यकाल के 'पॉलिसी पैरालिसिस' व 'घोटाला राज' से मुक्त कर दिया है। पार्टी नेता प्रकाश जावड़ेकर के अनुसार अपने भाषण में शाह ने यह भी कहा कि भाजपा अगले 10-20 साल तक केंद्र में सत्ता में रहेगी। विपक्ष दिशा और उम्मीद विहीन हो गया है।

कन्या भ्रूण हत्या रोकने का वादा

जाट आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के खिलाफ गुहार लेकर पहुंचे जाट नेताओं के जरिए ही प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सामाजिक अभियान की शुरूआत कर दी थी। मोदी ने उन नेताओं से कहा था कि पहले वह वचन दें कि उनके क्षेत्र में कन्या भ्रूण हत्या नहीं होगी फिर वह उनकी मागों को सुनेंगे। बताते हैं कि पहले तो जाट नेता चौंके लेकिन फिर वचन भी दिया और लौटकर अपनी पंचायत में इस आशय का फरमान भी जारी किया। भाजपा नेताओं से बातचीत में मोदी का मानना था कि ऐसे अभियानों में भाजपा के कार्यकर्ता जुटे तो समाज में बड़ा वर्ग भाजपा के साथ खड़ा हो सकता है।

हमारी कमियां न ढूंढें, राहुल को ढूंढ लाएं : शाह

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस पर चुटीले अंदाज में हमला किया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस भूमि अधिग्रहण विधेयक पर जानबूझकर भ्रम फैला रही है। वह सरकार के कामकाज में बेवजह की खामियां निकालना बंद करे और जाए पहले अपने नेता राहुल गांधी को ढूं़ढकर ले आए।'

उन्होंने कहा कि यह किसानों के हित में है तथा भाजपा किसानों व खेतिहरों के कल्याण के प्रति कृत संकल्प है। भाजपा किसानों की मित्र है तथा उन्हीं के बल पर वह सत्ता में आई है। विपक्ष इसके बारे में भ्रम फैला रहा है। कांग्रेस काल्पनिक मुद्दे उठाने के बजाए अपने उपाध्यक्ष को तलाशे कि वह कहां हैं। उल्लेखनीय है कि राहुल डेढ़ माह से चिंतन अवकाश पर हैं, लेकिन वे कहां हैं, यह किसी को पता नहीं है।