यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बैंकों के पास डेबिट और क्रेडिट कार्ड को लेकर लगी शिकायतों की झड़ी
पिछले एक साल में एटीएम, डेबिट और क्रेडिट कार्ड की शिकायतों में 20 फीसद की बढो़तरी हुई है।

नई दिल्ली, [हरिकिशन शर्मा] । नोटबंदी के बाद केंद्र सरकार देशभर में डेबिट और क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल को बढ़ाने की जमीन तैयार करने में जुट गयी है। लेकिन क्या बैंक इनसे जुड़ी ग्राहक समस्याओं को दूर करने के लिए तैयार हैं? अभी तक के अनुभव तो निराशाजनक तस्वीर पेश करते हैं। आंकड़े बताते हैं कि बैंकों के खिलाफ जितनी शिकायतें आती हैं उनमें से 21 फीसदी सिर्फ क्रेडिट और डेबिट कार्ड से जुड़ी होती हैं। दिल्ली एनसीआर में तो कार्ड संबंधी शिकायतों का यह आंकड़ा 30 से 35 प्रतिशत तक हैं। यह कहानी पिछले कई वर्षो से बदस्तूर जारी है। अभी तक रिजर्व बैंक या वित्त मंत्रालय के स्तर पर इन शिकायतों के ठोस निपटारे की व्यवस्था नहीं हो पायी है।
एटीएम, डेबिट-क्रेडिट कार्ड से जुड़ी शिकायतें
रिजर्व बैंक की सालाना बैंकिंग ओम्बुड्समैन रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015-16 के दौरान देश भर में बैंकों के खिलाफ कुल 1,02,894 शिकायतें आयीं जिसमें से 21,821 शिकायतें डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या एटीएम कार्ड से ही संबंधित थी। इस तरह बैंकिंग ओम्बुड्समैन का द्वार खटखटाने वाले प्रत्येक 5 ग्राहकों में से एक ग्राहक ऐसा रहा जिसकी शिकायत कार्ड को लेकर थी। इससे भी चिंताजनक तथ्य यह है कि पिछले साल की अपेक्षा कार्ड संबंधी शिकायतों में खासी वृद्धि हुई है।
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शिकायतों में 20 फीसद की बढ़ोतरी
वर्ष 2014-15 में बैंकों के खिलाफ कार्ड संबंधी 18,123 शिकायतें आयीं थीं। इस तरह एक साल के भीतर ही इसमें 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इससे भी चौंकाने वाला तथ्य यह है कि राजधानी दिल्ली और एनसीआर में बैंकों के खिलाफ जितनी शिकायतें आयीं उनमें से 33 से 40 प्रतिशत शिकायतें कार्ड से संबंधित ही थी। इस तरह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आज बैंकों के खिलाफ हर तीसरी शिकायत कार्ड से संबंधित ही है। ऐसे में अगर समय रहते हुए बैंकों में कार्ड संबंधी ग्राहकों की शिकायतों का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो सरकार की लेस कैश अर्थव्यवस्था बनाने की कोशिश को झटका लग सकता है। जब शहरी क्षेत्रों में बैंकों के पास कार्ड संबंधी शिकायतें इतनी बड़ी संख्या में पहुंच रही हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों में इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
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ओम्बुड्समैन की रिपोर्ट के अनुसार बैंकों के खिलाफ आयीं कार्ड संबंधी 21,821 शिकायतों में से 13,081 शिकायतें एटीएम और डेबिट कार्ड के संबंध में थीं। इनमें से अधिकांश शिकायतें एटीएम से कैश न निकलने या एटीएम फ्रॉड के संबंध में थीं। वहीं क्रेडिट कार्ड के संबंध में शिकायतें गलत चार्ज लगने के संबंध में थीं।
चार करोड़ किसानों को रुपे कार्ड देने का फैसला
उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही सरकार ने देशभर में 4.32 करोड़ किसानों को रुपे कार्ड देने का फैसला किया है। वहीं प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 20 करोड़ खाताधारकों को रुपे कार्ड जारी किया जा चुका है। ऐसे में कार्ड के बढ़ते इस्तेमाल के मद्देनजर इन शिकायतों का स्थायी समाधान निकालना जरूरी होगा।
