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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चलती ट्रेन में फौजियों की गुंडागर्दी, महिला व बच्चों को फेंका बाहर

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Published: Mon, 08 Jul 2013 11:23 AM (IST)Updated: Mon, 08 Jul 2013 11:24 AM (IST)

एक ओर उत्तराखंड में अपनी जान की परवाह किए बगैर भयानक बाढ़ में फंसे लोगों को निकालकर सेवा की अद्भुत ...और पढ़ें

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लखनऊ। एक ओर उत्तराखंड में अपनी जान की परवाह किए बगैर भयानक बाढ़ में फंसे लोगों को निकालकर सेवा की अद्भुत मिसाल पेश करने वाले फौजी, तो दूसरी ओर अपनी सुविधा के लिए लोगों की जान लेने पर उतारु सेना के जवान। इसे विडंबना ही कहेंगे कि जिस भारतीय सेना के जवानों की शान में हम कसीदे पढ़ते हैं, उन्हीं में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्हें मानवीय संवेदना की थोड़ी भी परवाह नहीं है।

घटना कुछ यूं है कि नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस में आनंद विहार, दिल्ली से चढ़े कुछ फौजियों ने अपनी सुविधा के लिए जमकर उत्पात मचाया। सेना के लिए बोगी आरक्षित करने के नाम पर फौजियों ने फतेहपुर में कई यात्रियों को मारापीटा और ट्रेन से बाहर धकेल दिया। फतेहपुर में एक महिला और उसके बच्चों को फौजियों ने जब मारपीट कर बोगी से बाहर फेंका तो यात्रियों ने जमकर पथराव कर दिया। इलाहाबाद जंक्शन पहुंचने पर नौ आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।

आनंद विहार से सुबह 6:50 पर निकली नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस की सामान्य बोगी में घुसे यात्रियों को फौजियों ने जमकर मारा-पीटा। इस मारपीट का शिकार बिहार के किशनगंज के मुहम्मद तंजीर के अनुसार यात्रियों को फौजियों ने गाजियाबाद में ही खदेड़ दिया और पिटाई की। यह बवाल पूरे रास्ते चलता रहा। आनंद विहार से कूच बिहार जाने के लिए ट्रेन में चढ़ा साजिद का परिवार भी इसका शिकार हुआ। डेढ़ साल व तीन साल की दो बच्चियों को गोद में उठाए उसकी पत्‍‌नी और चार बच्चों के साथ उसकी साली बस्की भी इसमें शामिल थी।

साजिद के अनुसार, फतेहपुर आउटर पर फौजियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी और उसे, उसकी पत्‍‌नी व बच्चों को बोगी से बाहर ढकेल दिया। बस्की बोगी में बच गई और ट्रेन चल दी। बस्की ने रसूलाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के रुकते ही शोर मचाना शुरू किया और इंजन के आगे लेट गई। इसकी जानकारी होने पर अन्य यात्री आक्रोशित हो गए और फौजियों पर पथराव कर दिया। इसमें फौजियों को भी चोटें आई। इस उपद्रव के बीच एक घंटे तक ट्रेन यहीं खड़ी रही। बाद में कूच बिहार की रहने वाली बस्की को बहनोई साजिद, उसकी पत्‍‌नी व बच्चे को चौरीचौरा एक्सप्रेस से इलाहाबाद भेजा गया।

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