यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रेयान मामलाः स्कूल मालिकों को कोर्ट से झटका, जमा कराना होगा पासपोर्ट
प्रद्युम्न की हत्या के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए रेयान स्कूल के मालिकों ने बंबई हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका डाली थी।

मुंबई, प्रेट्र : बांबे हाई कोर्ट ने गुरुवार को रेयान इंटरनेशनल ग्रुप के तीन ट्रस्टियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। हालांकि उन्हें शुक्रवार शाम पांच बजे तक गिरफ्तारी से संरक्षण जरूर प्रदान कर दिया, ताकि वे हरियाणा की कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रख सकें। ये याचिकाएं ग्रुप के सीईओ रेयान पिंटो, उसके पिता अगस्टाइन एफ. पिंटो (संस्थापक अध्यक्ष) तथा मां ग्रेसी पिंटो (ग्रुप की प्रबंधक निदेशक) की ओर से दायर की गईं थीं।
जस्टिस अजय गडकरी की पीठ ने याचिकाकर्ताओं को मुंबई पुलिस आयुक्त के पास अपने-अपने पासपोर्ट जमा करने के निर्देश भी दिए।
रेयान ग्रुप के ट्रस्टियों ने स्कूल की गुरुग्राम शाखा में आठ सितंबर को कक्षा दो के छात्र प्रद्युम्न की हत्या मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट की शरण ली थी। याचिका में उन्होंने हरियाणा में संबंधित कोर्ट में पेश होने से पहले खुद की गिरफ्तारी नहीं किए जाने की मांग की थी।
याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अजय गडकरी ने कहा, 'आवेदन खारिज किए जाते हैं। कल शाम पांच बजे के पहले तक अंतरिम राहत जारी रहेगी।' इससे पहले इन अर्जियों पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने बुधवार को अगस्टाइन, रेयान और ग्रेसी की गिरफ्तारी पर लगी रोक गुरुवार तक बढ़ा दी थी। प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने मामले में रेयान के मालिकों की जमानत याचिकाओं का विरोध किया था।
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