यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अमित शाह बोले- भाजपा में ही बूथ स्तर से पार्टी अध्यक्ष तक का सफर संभव
पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि भाजपा ही एक ...और पढ़ें

नई दिल्ली। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि भाजपा ही एक मात्र ऐसी पार्टी है जहां एक बूथ स्तर का कार्यकर्ता पार्टी अध्यक्ष तक का सफर तय कर सकता है। दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की नई दिल्ली में आयोजि इस बैठक में अमित शाह ने कहा- मैं गर्व के साथ कह सकता हूँ कि सभी समस्याओं का हल कहीं से निकल सकता है तो वो सिर्फ एकात्म मानववाद की विचारधारा से ही निकल सकता है |
इस मौके पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भारत माता की जय के नारे वर्षों से हमारी प्रेरणा के स्त्रोत रहे हैं। उन्होने कहा कि हमारे कार्यकर्ता देशभर में इन देशद्रोही गतिविधियों के खिलाफ अलख जगाने का काम करें।
अमित शाह के पूरे कार्यकाल के लिए भाजपा अध्यक्ष चुने जाने के बाद पहली बार ये पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक आयोजित की गई है। इसमें मोदी सरकार के गरीब, किसान और युवाओं से संबंधित योजनाओं को घर-घर पहुंचाने का फैसला लिए जाने की उम्मीद है। साथ ही देश के मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतिम दिन बैठक को संबोधित करेंगे।
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में दो प्रस्ताव पारित होने की उम्मीद है। इनमें एक प्रस्ताव गांव, गरीब और किसान को केंद्र में रखकर बनाए बजट को लेकर होगा और दूसरा मौजूदा राजनीतिक हालात पर होगा। माना जा रहा है कि कार्यकारिणी में गांव, गरीब और किसान को केंद्र में रखकर बनाए गए बजट के लिए वित्तमंत्री को धन्यवाद दिया जाएगा। लेकिन इससे संबंधित प्रस्ताव में मोदी सरकार की पिछली दो साल की आर्थिक उपलब्धियों का भी जिक्र होगा।
खासतौर पर जन-धन योजना, अटल पेंशन योजना, फसल बीमा योजना और मुद्रा योजना जैसी गरीबों और युवाओं के लिए शुरू की गई अहम योजनाओं को घर-घर पहुंचाने का फैसला लिया जाएगा। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि सरकार की इन योजनाओं और हाल में पेश किए गए बजट से ग्र्रामीण इलाकों का कायाकल्प हो सकता है। पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं व नेताओं को इन योजनाओं के प्रति जनता को जागरूक करना होगा।
दलित एजेंडे पर संघ और सरकार, सामाजिक समरसता पर होगा जोर
राजनीतिक प्रस्ताव के दौरान राष्ट्रवाद पर चल रही मौजूदा बहस और इसके राजनीतिक परिणाम पर गहन चर्चा होगी। इसमें कांग्र्रेस और वामपंथ के विरोधाभासी गठजोड़ को बेपर्दा किया जाएगा। एक ओर कांग्रेस और वामपंथी पश्चिम बंगाल में साथ-साथ चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं केरल में एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं।
