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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नियुक्ति के बाद एक बार भी एफटीआईआई नहीं गए गजेन्द्र चौहान- आरटीआई

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Published: Mon, 12 Oct 2015 03:09 PM (IST)Updated: Mon, 12 Oct 2015 03:13 PM (IST)

नई दिल्ली। बीजेपी सदस्य गजेन्द्र चौहान जिनकी एफटीआईआई के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति के बाद उनकी विश्वसनीयता को लेकर लगातार ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। बीजेपी सदस्य गजेन्द्र चौहान जिनकी एफटीआईआई के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति के बाद उनकी विश्वसनीयता को लेकर लगातार वहां मौजूदा और पूर्व छात्र सवाल उठा रहे हैं, उन्होंने चेयरमैन के पद पर अपनी नियुक्त के बाद से लेकर अब तक एक बार भी अपने ऑफिस का रुख नहीं किया है।

ये बात आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने कही। गलगली ने आरटीआई के जरिए पुणे के फिल्म एंड टेलिविज़न इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) से पिछले 15 सालों में यहां के चेयरमैन की उपस्थिति और उनके कार्यकाल के समय का ब्यौरा मांगा था।

गलगली ने जो बयान साझा किया है उसके मुताबिक गजेन्द्र चौहान की नियुक्ति इस साल 9 जून को की गई थी, लेकिन आरटीआई के अनुसार चौहान को 4, 2014 को ही नियुक्त कर दिया गया था। उनकी नियुक्ति चाहे जब भी हुई हो लेकिन अभी तक उन्होंने एक बार भी इस संस्थान की ओर रुख नहीं किया है।

गलगली की तरफ से मांगी गई जानकारी के जवाब में एफटीआईआई के प्रशासनिक अधिकारी एस.के.डकाते ने कहा कि 1999 से लेकर अब तक 9 चेयरमैन की नियुक्ति हो चुकी है। लेखक और आलोचक यूआर अनंतमूर्ति इस पद पर तीन बार और आठ साल तक बने रहे।

उस दौरान उन्होंने 26 बार इस संस्थान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जबकि, फिल्मकार सईद मिर्जा एफटीआईआई के चेयरमैन के पद पर तीन साल तक रहे। इस दौरान सईद मिर्जा कुल 20 बार अपने ऑफिस आए। तो वहीं, अभिनेता और निर्देशक गिरिश कर्नाड बतौर एफटीआईआई चेयरमैन एक साल के कार्यकाल के दौरान 6 बार अपने ऑफिस की ओर रुख़ किया।

अभिनेता से बीजेपी के नेता बने विनोद खन्ना को इस संस्थान में दो वर्षों के लिए दो बार चेयरमैन पर पद नियुक्त किया गया। जिसमें से वे केवल एक ही बार यहां पर आए। जबकि, अभिनेता पवन चोपड़ा, जिनका कार्यकाल सबसे कम यानि सिर्फ तीन महीने का ही रहा, इस छोटी अवधि के दौरान वे केवल एक बार ही संस्थान में आए और वो भी अपने कार्यकाल के आखिरी यानि दिन 16, 2002 को।

गलगली ने एफटीआईआई चेयरमैन पद के लिए शैक्षणिक योग्यता और दूसरी जानकारियों का ब्यौरा भी आरटीआई के जरिए मांगी थी। इस प्रतिष्ठित संस्थान के छात्र पिछले करीब 100 दिनों से हड़ताल पर हैं।

उनकी सूचना प्रसारण मंत्रालय के साथ अब तक चार बार बैठकें भी हो चुकी हैं लेकिन वो सारी बैठक बेनतीजा ही रही। अब इन छात्रों का नई दिल्ली में सूचना प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से मंगलवार को मिलने समय तय किया गया है।