विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

VVIP हैलीकॉप्टर घोटाला: ब्रिटिश नागरिक माइकल के खिलाफ गैर जमानती वारंट

By Test3 Test3Edited By:
Published: Fri, 23 Oct 2015 08:05 PM (IST)Updated: Fri, 23 Oct 2015 08:14 PM (IST)

दिल्ली की एक अदालत ने 3600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हैलीकॉप्टर सौदे में हुए घोटाले को लेकर ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन माइकल जेम्स के खिलाफ गैर-जमानत वारंट जारी किया है।

News Article Hero Image

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने 3600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हैलीकॉप्टर सौदे में हुए घोटाले को लेकर ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन माइकल जेम्स के खिलाफ गैर-जमानत वारंट जारी किया है। प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत से कहा कि इस मामले में माइकल का पूछा जाना बेहद जरुरी है क्योंकि वे इस घोटाले के मुख्य संदिग्ध है।
स्पेशल सीबीआई जज अजय कुमार जैन ने कहा कि इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए क्रिश्चिय माइकल जेम्स के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जाता है।

ये भी पढ़े : वीवीआईपी घोटाले में फंसे त्यागी बंधुओं की संपत्ति जब्त
अदालत की तरफ से ये गैर जमानती वारंट प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से दाखिल की गई अर्जी के बाद जारी किया गया है, जिसमें प्रवर्तन निदेशायल ने कहा था कि अगस्तावैस्टलैंड को करीब 70 मीलियन यूरो रिश्वत दी गई थी, जिसमें लगभग 30 मिलियन यूरो जेम्स और उसके दुबई स्थित फर्म ग्लोबल सर्विस को दी गई थी।
ईडी ने दावा किया कि जांच के दौरान ये पता चला है कि अगस्तावेस्टलैंड से क्रिश्चियन माइकल जेम्स की कंपनी मेसर्स ग्लोबल सर्विस और एफजेडई ने दो अनुबंधों के बहाने ये रिश्वत की रकम ली जो कि अपराध की श्रेणी में आता है।

ये भी पढ़े : 3600 करोड़ रुपये के वीवीआई चौपर घोटाले में आया नया मोड़
एजेंसी ने अदालत से ये भी कहा कि जेम्स की कस्टडी में लेकर लंबी पूछताछ जरुरी है ताकि ये पता लगाया जा सके कि 12 वीवीआईपी हैलीकॉप्टर सौदे में उसकी खुद की क्या भूमिका थी और उसके साथ कौन-कौन से लोग शामिल थे।
यहां गौर करनेवाली बात ये है कि सीबीआई की विशेष अदालत ने पिछले महीने की 24 तारीख को भी क्रिश्चियन माइकल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।