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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जल्द बदल लें 2005 से पहले के नोट

By Rajesh NiranjanEdited By:
Published: Mon, 22 Dec 2014 05:28 AM (IST)Updated: Mon, 22 Dec 2014 06:31 AM (IST)

देश में 500 और 1,000 समेत 2005 से पहले छपे करेंसी नोटों को बदलवाने के लिए अब ज्यादा समय नहीं ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। देश में 500 और 1,000 समेत 2005 से पहले छपे करेंसी नोटों को बदलवाने के लिए अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे पुराने नोटों को बदलने के लिए अंतिम तारीख एक जनवरी, 2015 है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने 2005 से पहले छपे नोटों को परिचालन से हटाने की कवायद शुरू करते हुए अब तक ऐसे 144.66 करोड़ नोट अलग किए हैं। इनका मूल्य 52,855 करोड़ रुपये है। वर्ष 2005 के पहले छपे नोटों के जाली नोट तैयार करने का खतरा बहुत ज्यादा था। लिहाजा, सरकार ने इन्हें बंद करने का फैसला लिया था। इसके बाद छपे नोटों में सुरक्षा से जुड़े तमाम उपाय किए गए हैं। इनसे जाली नोटों को चलन में आने से रोकने में मदद मिलेगी।

रिजर्व बैंक ने इस वर्ष 22 जनवरी को ऐसे नोटों को एक अप्रैल से वापस लेने की घोषणा करते हुए कहा था कि लोग बैंकों में जाकर इन्हे बदलना शुरू कर दें। वर्ष 2005 से पहले छपे नोटों के पीछे उसकी छपाई का वर्ष मुद्रित नहीं किया गया था। इसके बाद छापे गए नोटों के पीछे निचले हिस्से में मुद्रण का वर्ष प्रकाशित करने की व्यवस्था की गई थी। केंद्रीय बैंक पहले ही बैंकों को कह चुका है कि वह 2005 से पहले की सीरीज वाले नोटों को काउंटर और एटीएम के जरिये न जारी करें। आरबीआइ की मानें तो प्रणाली में 2005 से पहले की सीरीज वाले नोटों की संख्या अब इतनी अधिक नहीं बची है जिससे आम जनता पर कोई बड़ा असर पड़े।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से अक्टूबर के बीच 100 रुपये के 73.2 करोड़ नोट, 500 रुपये के 51.85 करोड़ नोट और 1,000 रुपये के 19.61 करोड़ ऐसे नोट अलग किए जा चुके हैं।

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