यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
देश में नास्तिकों की संख्या जानकर चौंक जाएंगे आप !
जानकर हैरानी होगी इन नास्तिकों में आधी संख्या महिलाओं की है।

साल 2011 में हुई जनगणना से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। 1.2 अरब की जनसंख्या वाले इस देश में 33,000 लोगों ने अपने आप को नास्तिक घोषित कर रखा है । जानकर हैरानी होगी इन नास्तिकों में आधी संख्या महिलाओं की है। इसके अलावा हर 10 नास्तिकों में से 7 लोग ग्रामीण भारत से संबंध रखते हैं। बता दें कि हाल के वर्षों में पहली बार है पिछले हफ्ते इन जनगणना के आंकड़ों को सार्वजनिक किया गया है।
जारी आंकड़ों में राज्य के हिसाब से जानकारी दी गई है। जिसमें महाराष्ट्र में 9,652, मेघालय में 9089 और केरल में 4,896 नास्तिक रहते हैं। राजधानी दिल्ली में 541 नास्तिक हैं। इस हिसाब से 1 अरब 20 करोड़ आबादी वाले इस देश में 0.0027 फीसद ऐसे लोग हैं जिनको ईश्वर पर विश्वास नहीं है।
गौरतलब है कि भारत को धार्मिक मान्यताओं वाला देश कहा जाता है। यहां पर कई धर्म और पूजा पद्धतियां हैं। जिनको लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं। इसको लेकर कई बार प्रगतिवादी और तर्कशास्त्री मजाक में भी उड़ाते रहे हैं। जनगणना अधिकारी के मुताबिक जनसंख्या का 0.24% यानि लगभग 29 लाख लोगों ने अपने धर्म के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इसलिए ऐसे लोगों को धर्म नहीं बताने वाली श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है।
