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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विकास से ज्यादा शांति की जरूरत अटल मार्ग पर चलें मोदी : कसूरी

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Tue, 13 Oct 2015 02:55 AM (IST)Updated: Tue, 13 Oct 2015 03:02 AM (IST)

परवेज मुशर्रफ के शासनकाल में पाकिस्तान के विदेशमंत्री रहे खुर्शीद महमूद कसूरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मार्ग पर चलने की सलाह दी है।

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मुंबई (ब्यूरो)। परवेज मुशर्रफ के शासनकाल में पाकिस्तान के विदेशमंत्री रहे खुर्शीद महमूद कसूरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मार्ग पर चलने की सलाह दी है। कसूरी की पुस्तक 'नाइदर ए हॉक नार ए डव' के विमोचन समारोह में सोमवार को कसूरी ने कहा कि मैं अभी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कभी मिला नहीं हूं।

लेकिन मैं जानता हूं कि वह विकास के एजेंडे पर चुन कर आए हैं। देश की जनता उनसे अपेक्षा भी विकास की ही रखती है। लेकिन मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आज शांति की ज्यादा जरूरत है और इसके लिए उन्हें भारत के पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के मार्ग पर चलना चाहिए। कसूरी ने कहा कि दोनों देशों के सभी लोगों को संतुष्ट करना संभव नहीं है। लेकिन 80 फीसदी लोग संतुष्ट हो सकें हमें इस दिशा में आगे ब़़ढना चाहिए।

दोनों देशों ने इतिहास का कत्ल कर दिया

कसूरी ने कहा--दोनों देशों ने इतिहास का कत्ल कर दिया। मेरी किताब की साइज से मत डरना। जरूरी बातें लिखी हैं। कुछ गलत नहीं किया। इससे नौ युद्ध के हालात का जिक्र है। सैन्य तरीके से किसी मसले का हल नहीं निकलता। 850 पन्नों की किताब में से 370 पन्ने भारत पर हैं। फडणवीस को धन्यवाद दिया कसूरी ने रविवार शाम मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद से उन्हें मुहैया कराई गई क़़डी सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को धन्यवाद दिया।

बंटवारे का सपना नहीं देखा सुधींद्र कुलकर्णी ने अपने भाषण में कहा कि हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश के बंटवारे का सपना नहीं देखा था। इसलिए हमें अपनी गलतियां सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। पुस्तक विमोचन के इस कार्यक्रम में कई प्रख्यात वकील और इतिहासकार शामिल हुए। इतिहासकार एजी नूरानी, वरिष्ठ पत्रकार दिलीप पडगांवकर और फिल्म अभिनेता नसीरद्दीन शाह भी मौजूद थे।