यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रिक्शा के पीछे कार, जाम तो लगेगी सरकार
रांची : नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने राजधानी रांची की मौजूदा

रांची : नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने राजधानी रांची की मौजूदा परिवहन व्यवस्था पर फोकस करते हुए कहा कि अगर रिक्शा के पीछे कार चलेगी तो जाम लगना स्वाभाविक है। अनियोजित पार्किंग को भी उन्होंने जाम का बड़ा कारण बताया तथा तेजी के साथ बढ़ती आबादी को केंद्र में रखकर परिवहन व्यवस्था में परिवर्तन की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि राजधानी में पार्किंग का स्वरूप बदलने के लिए नोटिफिकेशन जारी किए जाने की तैयारी है। खास तौर पर स्मार्ट सिटी को केंद्र में रखकर पार्किंग के लिए टैक्स का प्रावधान किया जाएगा, जो पार्किंग शुल्क से अलग होगा। इस टैक्स का कुछ हिस्सा संबंधित वार्डो को दिया जाएगा, जो टूटी सड़कों की मरम्मत, नाली निर्माण, जलजमाव की समस्या आदि को दूर करने पर खर्च होगी। वे मंगलवार को एटीआइ में कैपासिटी बिल्डिंग प्रोग्राम ऑन सस्टेनेबल अर्बन ट्रांसपोर्ट विषय पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
प्रधान सचिव ने कहा कि विदेशों और बड़े शहरों में जहां द्रुत और कम स्पीड के वाहनों के लिए अलग-अलग ट्रैक है, वहीं पब्लिक ट्रांसपोर्ट का बेहतर प्रचलन है। साइकिल के ट्रैक और फुटपाथ परिवहन व्यवस्था का और भी चुस्त-दुरुस्त करता है। उन्होंने कहा कि राज्य के शहरों की परिवहन व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए रांची, धनबाद, दुमका, देवघर आदि शहरों का मोबिलिटी प्लान तैयार किया गया है। शहर की सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कार्यशाला में मौजूद विभिन्न शहरी निकायों के प्रतिनिधियों को ट्रैफिक से जुड़ी समस्याओं की पहचान अपने-अपने शहरों के अनुरूप करने की नसीहत दी।
इंस्टीट्यूट आफ अर्बन ट्रांसपोर्ट के कंसल्टेंट एमएल चोटानी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन देश के लिए चुनौती है, किसी भी हाल में 2050 तक दो डिग्री से अधिक तापमान नहीं बढ़ना चाहिए नहीं तो बड़ी समस्या होगी।
ट्रैफिक एसपी संजय रंजन सिंह, हाउसिंग बोर्ड के एमडी आशीष सिंहमार आदि ने कार्यक्रम में शिरकत की।
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