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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हम बगैर प्रचार के करते थे सर्जिकल स्ट्राइक : शिंदे

By Babita KashyapEdited By:
Published: Sat, 27 May 2017 10:01 AM (GMT+05:30)

कांग्रेस के शासनकाल में भी पाकअधिकृत कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक होते थे लेकिन सरकार इसका प्रचार नहीं करती थी।

हम बगैर प्रचार के करते थे सर्जिकल स्ट्राइक : शिंदे
हम बगैर प्रचार के करते थे सर्जिकल स्ट्राइक : शिंदे

रांची, राज्य ब्यूरो। पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने केंद्र सरकार को नसीहत दी है कि कश्मीर के अलगाववादी नेताओं के साथ बातचीत आरंभ की जाए। बातचीत बंद होने के कारण घाटी में आतंकवादी  गतिविधियां बढ़ी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के शासनकाल में भी पाकअधिकृत कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक होते थे लेकिन सरकार इसका प्रचार नहीं करती थी। 

आज स्थिति यह है कि काम से ज्यादा प्रचार हो रहा है और ऐसी कार्रवाई पर सवाल भी उठ रहे हैं। वे मोदी सरकार की नाकामियां गिनाने को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से रूबरू थे। उन्होंने विदेश नीति पर मोदी सरकार की जमकर आलोचना की। कहा, रूस सरीखेदेश भी चीन के साथ जा रहे हैं। रूस पाकिस्तान में निवेश कर रहा है। यह चिंता की बात है। नेपाल, भूटान, श्रीलंका आदि देश हमारे स्वाभाविक मित्र रहे हैं। इन देशों के साथ भी संबंध बेहतर नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बगैर प्रोटोकॉल के प्रधानमंत्री पाकिस्तान के दौरे पर चले गए। यह देश का अपमान है। उन्होंने सलाह दी कि सरकार विदेश नीति के मोर्चे पर संभलकर काम करे। आत्ममंथन करने की जरूरत है। सीमा पर सैनिक शहीद हो रहे हैं और सरकार सिर्फ बयान दे रही है।

देश की छवि हुई खराब: डॉ.अजय कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय कुमार ने कहा कि झारखंड में हो रही हिंसा से छवि खराब हो रही है। जमशेदपुर में बच्चा चोर की अफवाह में आठ लोगों को मार गिराया गया। राज्य में दलित, आदिवासी और शोषित तबका ङ्क्षहसा का शिकार है। उन्होंने मुख्यमंत्री रघुवर दास पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जश्न मनाने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार किसान विरोधी है। इनके घोटाले की जांच हो तो चेहरे बेनकाब हो जाएंगे। 

संवेदनहीनता की हद: सुखदेव प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत ने राज्य की रघुवर सरकार को संवेदनहीन बताया। कहा, बच्चा चोरी की आड़ में हिंसा निंदनीय है। यह राज्य सरकार की नाकामी का भी परिचायक है। मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में ऐसी लोमहर्षक घटना को अंजाम दिया गया लेकिन वे लोगों से मिलने तक नहीं गए। 

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