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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 26, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

धनबाद, गढ़वा और देवघर में भूख से नहीं हुई मौत: सरयू राय

By Sachin MishraEdited By:
Published: Thu, 26 Oct 2017 09:41 AM (GMT+05:30)

सरयू राय के मुताबिक, धनबाद, गढ़वा और देवघर में हाल के दिनों में हुई मौत की वजह भूख कतई नहीं है।

धनबाद, गढ़वा और देवघर में भूख से नहीं हुई मौत: सरयू राय
धनबाद, गढ़वा और देवघर में भूख से नहीं हुई मौत: सरयू राय

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री सरयू राय ने कहा है कि धनबाद, गढ़वा और देवघर में हाल के दिनों में हुई मौत की वजह भूख कतई नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि धनबाद के झरिया निवासी बैजनाथ रविदास के परिजनों ने जहां 15 दिनों पहले राशन कार्ड का आवेदन दिया था, वहीं देवघर के मनोहरपुर प्रखंड के रूपलाल मरांडी को सितंबर में राशन मिला था। यह बात अलग है कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण राशन कार्ड में राशन मिलने की बात अंकित नहीं हो सकी थी।

इसी तरह गढ़वा के फरठिया निवासी सुरेश उरांव के परिवार को भी अक्टूबर में राशन मिला था। ऐसे में इन तीनों व्यक्तियों की मौत की वजह भूख नहीं हो सकती है। हां, सिमडेगा की संतोषी के परिवार का राशन कार्ड रद हो गया था। विभाग पहले ही यह स्वीकार चुका है। इससे इतर सिर्फ राशन कार्ड का नहीं होना, भूख से मौत की वजह नहीं हो सकती। वे बुधवार को मीडिया से मुखातिब थे।

मंत्री ने कहा कि इसमें कोई संशय नहीं कि जन वितरण प्रणाली में खामियां थीं, जिसमें निरंतर सुधार की कोशिश हो रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत 56 लाख परिवारों तक अनाज पहुंचाने का काम हो रहा है। इसके लिए पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक कर्मचारियों और अधिकारियों का नेटवर्क है।

अगर इस सिस्टम में कर्तव्यनिष्ठा के अभाव में कहीं खामियां रह जाती हैं तो इसके लिए सिर्फ निचले स्तर के ही अफसर जिम्मेदार नहीं होंगे, बल्कि सबसे प्रभावशाली अफसर की भी जवाबदेही सुनिश्चित होगी। कानून सबके लिए बराबर है, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होगी।

जांच रिपोर्ट में भूख नहीं बीमारी से हुई रूपलाल की मौत

देवघर : कोलटोला (देवघर, झारखंड) निवासी रूपलाल मरांडी की मौत के बाद डीडीसी के नेतृत्व में गठित जांच कमेटी ने जो रिपोर्ट दी है उसमें मौत का कारण भूख नहीं बल्कि बीमारी बताया गया है। उप विकास आयुक्त (डीडीसी) ने कहा कि परिवार के सदस्यों ने पोस्टमार्टम कराने से लिखित रूप से इन्कार कर दिया।

गौरतलब है कि भूख से मौत पर उठे सवाल के बाद डीडीसी जन्मेजय ठाकुर की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की गई थी।

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