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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कोयलांचल व संस्कृत विश्वविद्यालय को ले रेस

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Published: Fri, 01 Apr 2016 01:55 AM (IST)

रांची : राज्य में कोयलांचल विश्वविद्यालय (विनोद बिहारी महतो विश्वविद्यालय) तथा संस्कृत विश्वविद्यालय

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रांची : राज्य में कोयलांचल विश्वविद्यालय (विनोद बिहारी महतो विश्वविद्यालय) तथा संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर राज्य सरकार रेस हो गई है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग धनबाद के किसी कॉलेज में ही कोयलांचल विश्वविद्यालय का कामकाज शुरू किए जाने की दिशा में काम कर रहा है। इसी तरह, देवघर में बालांनद संस्कृत कालेज को विश्वविद्यालय के रूप में अपग्रेड करने पर विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 2016-17 में ही दोनों विश्वविद्यालयों की स्थापना की घोषणा विधानसभा में की थी।

इन विश्वविद्यालयों की स्थापना में जमीन की उपलब्धता में पेंच से बचने के लिए शुरू में कालेजों को ही विश्वविद्यालय के रूप में अपग्रेड करने पर विचार चल रहा है। बाद में जमीन मिलने पर इसका अलग परिसर का निर्माण हो सकेगा। विभाग ने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के 2016-17 के बजट प्रस्ताव में दोनों विश्वविद्यालयों को शामिल करने का निर्णय लिया है, ताकि केंद्र सरकार से इन विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए अभियान के तहत अनुदान मिल सके। विभाग इसी माह दिल्ली में होनेवाली केंद्र सरकार के प्रोग्राम एप्रूवल बोर्ड में इस प्रस्ताव को रखेगी। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष में भी कोयलांचल विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र को दिया था, लेकिन केंद्र ने इसे अस्वीकार कर दिया था। इस बार मुख्यमंत्री रघुवर दास व उच्च तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति इरानी से मिलकर इन दोनों विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए आर्थिक सहयोग की मांग की थी। केंद्रीय मंत्री ने इसपर राज्य सरकार से रूसा के तहत प्रस्ताव देने को कहा था। राज्य में सरकारी स्तर पर फिलहाल पांच विश्वविद्यालय हैं। धनबाद में कोयलांचल विश्वविद्यालय की लंबे समय से मांग हो रही थी।