यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रिम्स में दस दिन में सेरेब्रल मलेरिया से छह बच्चों की मौत
रांची : रिम्स के शिशु वार्ड में मलेरिया से पीड़ित बच्चों की भरमार है। दस दिनों के भीतर सेरेब्रल मलेरि

रांची : रिम्स के शिशु वार्ड में मलेरिया से पीड़ित बच्चों की भरमार है। दस दिनों के भीतर सेरेब्रल मलेरिया से ग्रस्त 14 बच्चों को इलाज के लिए भर्ती किया गया है। इलाज के दौरान सेरेब्रल मलेरिया से छह बच्चों की मौत हो गई। शिशु वार्ड में सर्दी, बुखार, मलेरिया, सेरेब्रेल मलेरिया, मेनिनगो इंसेफ्लाइटिस, दस्त, पीलिया के अलावा अन्य बीमारी से ग्रस्त बच्चे भर्ती हैं। जिन बच्चों को वार्ड में बेड नहीं मिला है उन्हें मजबूरी में जमीन पर इलाज करना पड़ रहा है।
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जिनकी हुई है मौत :
नाम स्थान
कैली कुमारी पलामू
मिथलेश कुमार पलामू
जितेंद्र गंझू बोकारो
सिमरन गढ़वा
रीना कुमारी तमाड़
रिया कुमारी लातेहार
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पूरा झारखंड मलेरिया जोन है। सरकार को चाहिए कि मच्छरों से बचाव के उपाय करे। सरकार की ओर से दवायुक्त मच्छरदानी का वितरण हो, नियमित फॉगिंग की व्यवस्था हो। घर में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें। घर के आसपास जल जमाव न होने दें। बुखार होने पर बगैर चिकित्सीय सलाह के दवा नहीं खाना चाहिए।
- डॉ. एके शर्मा, विभागाध्यक्ष, शिशु विभाग, रिम्स।
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