यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मलेरिया से दो, डायरिया व टीबी से एक-एक की मौत

संवाद सहयोगी, जमशेदपुर : महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार को मलेरिया से दो व टीबी से एक पीड़ित की मौत हो गई। चौका निवासी श्रीधर सिंह सरदार व नूतनडीह निवासी बी. टुड्डू को मलेरिया होने पर बीते गुरुवार को भर्ती कराया गया था। वहीं राखामाइंस निवासी जयचंद माझी को टीबी होने के कारण शुक्रवार को भर्ती कराया गया, शनिवार को उसकी मौत हो गई। वहीं शुक्रवार को रेलवे ट्राफिक कालोनी निवासी कार्तिक पात्रो की भी मौत डायरिया से हो गई। बताते चलें कि मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, लेकिन अस्पताल में न तो डायरिया की दवा है और न ही मलेरिया का इंजेक्शन।
-------------------
विभाग के पास नहीं है फॉगिंग मशीन व डीडीटी
भले ही शहर में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा हो, लेकिन स्वास्थ्य विभाग सुस्त है। विभाग के पास मच्छरों से लड़ने के लिए न तो फॉगिंग मशीन है और न ही डीडीटी।
--
प्रतिदिन पहुंच रहे 50 से अधिक पीड़ित
एमजीएम अस्पताल के फिजिशियन डॉ. बलराम झा ने बताया कि बरसात के दिनों मे बुखार से संबंधित पीड़ितों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। अस्पताल में रोजाना 50 से अधिक पीड़ित पहुंच रहे है। पैथोलॉजी विभाग में जांच के बाद करीब एक दर्जन लोग मलेरिया से पीड़ित पाए जा रहे हैं।
-----------------
ब्रेन हैमरेज का खतरा
मलेरिया में मरीज की देखभाल की विशेष जरूरत होती है। थोड़ी सी लापरवाही में मरीज की जान भी जा सकती है। यदि मलेरिया के मरीजों का उपचार सही समय पर न किया जाए तो उसे ब्रेन हैमरेज का खरता रहता है।
