यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चाकुलिया में रहस्यमय बीमारी से दो बच्चों की मौत

संवाद सूत्र, चाकुलिया : प्रखंड के भातकुंडा पंचायत अंतर्गत सुनसुनिया गाव में एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत अज्ञात बीमारी से रहस्यमय तरीके से हो गई। पहली मौत विगत बुधवार की शाम तथा दूसरी मौत रविवार की सुबह हुई। तीन दिनों के अंतराल में हुई इस घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने पूरे मामले की स्वास्थ्य विभाग से जाच की माग को लेकर रविवार की शाम चाकुलिया- धालभूमगढ़ सड़क को भालुकबिंदा मेम क्लब के पास जाम कर दिया। जाम की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी एसबी तिवारी ने पहले प्रशासनिक पदाधिकारियों से बात की। फिर, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों को जामस्थल पर बुलाया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीमारी की जाच मेडिकल टीम से कराने का आश्वासन दिया गया तब जाकर जाम हटा। इस दौरान करीब डेढ़ घटे तक चाकुलिया-धालभूमगढ़ मार्ग पर आवागमन अवरुद्ध रहा। दरअसल, सुनसुनिया गाव निवासी श्रीमत हेम्ब्रम के पाच वर्षीय पुत्र अजय की मौत विगत बुधवार की शाम अचानक हो गई। परिजनों के मुताबिक अजय उस दिन घर में ही खेल रहा था। तभी उसे शरीर व पेट में चमक के साथ तेज दर्द हुआ। उसकी परेशानी देख आनन-फानन में वे लोग इलाज के लिए उसे लेकर चाकुलिया रवाना हुए, पर रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
अजय की मौत के सदमें से अभी घरवाले उबरे भी नहीं थे कि इस घटना के तीन दिन बाद रविवार सुबह उसी घर में एक और मौत हो गई। अजय की चचेरी बहन यानि लखी राम हेम्ब्रम की ढाई वर्षीय पुत्री उर्मिला की तबियत रविवार सुबह अचानक बिगड़ गई। वह जोर-जोर से रोने लगी तथा पेट व शरीर में दर्द होने की बात बताई। उसे लेकर एक बार फिर घर के लोग चाकुलिया अस्पताल के लिए रवाना हुए। लेकिन उसने भी रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
तीन दिनों के अंतराल में दो मासूम बच्चों की मौत से एक तरफ जहां हेम्ब्रम परिवार व सुनसुनियां गांव के लोग चिंतित थे। वहीं इस बात को लेकर आतंकित थे कि कहीं रहस्मय तरीके से आगे भी अनहोनी न हो जाय। भातकुंडा पंचायत की मुखिया रेणुका मुंडा व उप मुखिया मनोरंजन महतो घटना की जानकारी पाकर सुनसुनिया गांव पहुंचे। इस संबंध में उप मुखिया ने बताया कि उन्होंने दोपहर करीब 11 बजे जिला के सिविल सर्जन से मोबाइल पर संपर्क कर उन्हें वस्तु स्थिति की जानकारी दी तथा गांव में मेडिकल टीम भेजकर मामले की जांच कराने का आग्रह किया। उप मुखिया के मुताबिक सिविल सर्जन ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे टीम भेज रहे हैं। लेकिन टीम नहीं पहुंची तथा सिविल सर्जन का मोबाइल भी स्वीच ऑफ बताने लगा। शाम चार बजे तक जब कोई टीम अथवा स्वास्थ्य विभाग का कोई प्रतिनिधि सुनसुनियां गांव नहीं पहुंचा तो लोगों का आक्रोश भड़क उठा। दर्जनों की संख्या में महिला व पुरुष हाथों में लाठी, डंडा लेकर सुनसुनिया से भालुकबिंदा मेम क्लब चौक पर चाकुलिया-धालभूमगढ़ मार्ग को जाम करने निकल पड़े। मुखिया रेणुका मुंडा उनके पति रविन्द्र मुंडा, प्रभंजन महतो, छतीस अंसारी आदि के नेतृत्व में लोग मुख्य सड़क पर खटिया डालकर बैठ गए व जाम कर दिया।
