यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ब्लू व्हेल गेम से दूर रहने को स्कूलों में मोबाइल पर लगेगा प्रतिबंध
ब्लू व्हेल गेम से दूर रहने को स्कूलों में मोबाइल पर प्रतिबंध लग जाएगा।

आशीष सिंह, धनबाद। ब्लू व्हेल गेम कितना खतरनाक साबित हो रहा है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुंबई में एक छात्र के आत्महत्या करने के बाद भी कई छात्रों ने इस गेम की लत में आत्महत्या का प्रयास किया। इसकी गंभीरता को देखते हुए धनबाद के शिक्षा विभाग ने स्कूल समय में विद्यार्थियों के मोबाइल प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। छात्र स्कूल में मोबाइल पर बात भी नहीं कर सकेंगे।
यदि बहुत जरूर हुआ तो शिक्षकों के मोबाइल नंबर अभिभावकों को उपलब्ध कराए जाएंगे, या फिर स्कूल प्रबंधन या शिक्षक अपने मोबाइल से बच्चों की अभिभावकों से बात कराएंगे। शिक्षा विभाग दो-तीन दिन में सभी कोटि के निजी व सरकारी स्कूलों को स्कूल समय में छात्रों के मोबाइल प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने से संबंधित पत्र जारी करेगा।
शिक्षा विभाग की टीम स्कूलों में औचक निरीक्षण कर यह जांच भी करेगी कि आदेश का पालन हो रहा है या नहीं। निजी स्कूलों में काउंसलर की नियुक्ति को लेकर भी आदेश जारी किए जा रहे हैं। काउंसलर समय-समय पर विद्यार्थियों से बात कर उन्हें मोबाइल और उसके गेम से दूर रहने की सलाह देंगे।
जानिए, क्या है ब्लू व्हेल गेम:
‘द ब्लू व्हेल गेम’ या ‘द ब्लू व्हेल चैलेंज’ रूस में बना एक इंटरनेट गेम है। इसमें प्लेयर को 50 दिन तक कुछ खास टास्क बताए जाते हैं। एक-एक कर सारे टास्क पूरे करते रहने पर आखिरी में सुसाइड के लिए उकसाया जाता है। हर टास्क पूरा होने पर प्लेयर को अपने हाथ पर एक कट लगाने के लिए कहा जाता है।
आखिरी में जो तस्वीर उभरती है, वो व्हेल मछली की तरह होती है। मोबाइल और लैपटॉप पर खेले जाने वाले इस गेम में 50 दिन में रोज सुबह 4.20 बजे जागना, क्रेन पर चढ़ना, सुई को हाथ या पैर में चुभोना जैसे अलग-अलग टास्क मिलते हैं। टास्क पूरा करने के बाद हाथ पर निशान बनाना पड़ता है।
