यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गोलाबारी के डर से चार गांव खाली
राज्य ब्यूरो, जम्मू : पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलाबारी की आशंका को देखते हुए वीरवार

राज्य ब्यूरो, जम्मू : पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलाबारी की आशंका को देखते हुए वीरवार शाम सीमावर्ती आरएसपुरा के चार गांव के लोग घर खाली कर सुरक्षित क्षेत्रों व राहत शिविरों में आ गए। दरअसल, सीमा पार पाक रेंजर्स की हलचल को देखते हुए सीमा सुरक्षा बल ने जानमाल के नुकसान से बचने के लिए सीमांत क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की हिदायत देते हुए हाई अलर्ट किया था।
आरएसपुरा में 28 अगस्त को भी पाकिस्तान की भारी गोलाबारी में दो महिलाओं सहित तीन लोगों की मौत व 17 गंभीर रूप से घायल हो गए थे। तब भी पाकिस्तान ने दूर तक मार करने वाले 82 एमएम के गोले दागे थे। पहले से खौफ के साय में जी रहे भूरजाल, अब्दुल्लियां, चंदू चक्क व निकोवाल के लोगों ने सुरक्षित इलाकों का रुख करना ही बेहतर समझा। ये लोग रात को तहसील प्रशासन की ओर से बनाए गए आठ कैंपों हाई स्कूल रंगपुर, हाई सेकेंडरी स्कूल आरएसपुरा, आइटीआइ कॉलेज आरएसपुरा, हाई स्कूल दबलैड़, हाई स्कूल हरिपुर, हाई स्कूल चकरोई व सत्संग घर दीवानगढ़ में आ गए। इसके अलावा अब्दुल्लियां में भी कुछ लोगों ने रात गुजारने के लिए मोर्चों में शरण ले ली।
सूत्रों के अनुसार बीएसएफ को सूचना मिली थी कि सीमा पार लांचिंग बेस पर तीन से चार आतंकियों का एक दल घुसपैठ की ताक में है और उसे रात को पाकिस्तान की ओर से कवर फायर दिया जा सकता है। खुफिया एजेंसियों की ओर से यह सूचना भी मिली थी कि पाकिस्तान ने वीरवार शाम को आरएसपुरा के सामने अपने कुछ गांवों के लोगों को भी पीछे हटवाया था।
आरएसपुरा के एसडीएम दीपराज ने दैनिक जागरण को बताया कि शाम करीब साढ़े सात बजे सीमा सुरक्षा बल ने ग्रामीणों को सुरक्षा संबंधी हिदायतें दी थी। इसके बाद लोग खुद ही अपने परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पीछे आ गए।
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