यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इन टिप्स को अपनाएंगे तो हमेशा महकता रहेगा आपका रिश्ता
रिलेशनशिप एक्सपट्र्स का कहना है कि दांपत्य में मधुरता लाने के लिएकोई एक बना बनाया नियम नहीं है। इसे तो ...और पढ़ें

रिलेशनशिप एक्सपर्ट डॉ. मधुलिका सामंत कहती हैं कि जीवन में सबसे जरूरी व अहम चीज है सहनशीलता। सहनशक्ति के बल परव्यक्ति बड़ी से बड़ी लड़ाई जीत सकता है। यह तो एक बहुत प्यारा सा रिश्ता है। इसमें यदि छोटी-छोटी बातों को तूल न दें तो इससेमधुर रिश्ता और कोई नहीं है। अधिक अपेक्षाएं ठीक नहीं इसमें कोई शक नहीं है कि यह रिश्ता अन्य रिश्तों के मुकाबले काफी अपेक्षाओं से भरा होता है। इसलिए यह जरूरी है कि दोनों एक दूसरे से अपेक्षाएं तो रखें, मगर यह ध्यान रखें कि वे अपेक्षाएं ऐसी न हों कि जिनके पूरा न हो पाने के कारण आपस में मनमुटाव आ जाए।
प्यार में संतुलन जरूरी है
रिलेशनशिप एक्सपर्ट डॉ. शमिका सोनी कहती हैं रिश्ते में एक-दूसरे की परवाह करने और दूसरे के ऊपर पूरी तरह आश्रित होने में फर्कहै। आपको उनकी कितनी परवाह है यह जताने के लिए आपको हर घंटे एसएमएस या फोन करना जरूरी नहीं है, लेकिन अपना प्यारबनाए रखने के लिए रिश्ते की अनदेखी करना भी गलत है। रिश्ते में प्रत्येक पार्टनर को संतुलन बनाकर चलना चाहिए।
योग्यता का स्वागत
रिलेशनशिप एक्सपर्ट डॉ. पारुल ग्रोवर कहती हैं कि यह जरूरी नहीं कि दोनों समान रूप से योग्य हों। अगर किसी की भी योग्यता अधिक है तो एक-दूसरे से जलने या उसका उपहास करने के बजाय उसकी तारीफ करें। अपने को खुशनसीब समझें और ईश्वर को धन्यवाद दें कि उसने आपको ऐसा साथी दिया, जो अन्य के मुकाबले बहुत बेहतर है। संबंधों की मजबूती के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है।
ठीक नहीं है चुप्पी
रिलेशनशिप एक्सपर्ट डॉ. मधुलिका कहती हैं कि दांपत्य जीवन में तब अधिक समस्याएं होने लगती हैं, जब पति-पत्नी आपस मेंबातचीत बंद कर देते हैं और चुप्पी का दामन ओढ़ लेते हैं। इसलिए जरूरी है कि आपस में भले ही तल्ख स्वर में बातचीत हो, लेकिनबातचीत होती रहनी चाहिए। चुप्पी का आगे चलकर असर यह होता है कि यह दोनों के बीच में कटुता ला देती है। भले ही आप एक-दूसरे से असहमत हों, लेकिन आपस में बातचीत करते रहें।
सराहना भी जरूरी है
डॉ. शमिका कहती हैं कि दांपत्य जीवन में प्रतिदिन दो-चार सराहना के शब्द जरूर बोलें। सराहना भरे शब्द हमारे जीवन में उत्साह का संचार करते हैं। इसलिए प्रतिदिन किसी न किसी रूप में सराहना के शब्द जरूर बोलें। अगर आपके साथी ने कोई डिश बढ़िया बनाई है तो उसकी तारीफ करें। कभी उनकी खूबसूरती की तो कभी उनके बालों की तो कभी उनके परिधानों की भी तारीफ कर सकते हैं। तारीफ करने से सथी का मनोबल बढ़ता है। साथ ही अपने जीवनसाथी के प्रति आदर और प्यार भी बढ़ता है।
अच्छे श्रोता बनें
डॉ. पारुल ग्रोवर कहती हैं कि यह दोनों के लिए जरूरी है कि वे अच्छे श्रोता बनें। दांपत्य जीवन में कई बार कटुता केवल इसलिए आ जाती है, क्योंकि दोनों में से कोई भी एक अच्छा श्रोता बनने के लिए तैयार नहीं होता है। आपका साथी जो कह रहा है, पहले उसकी बात को ध्यानपूर्वक सुनें, भले ही उसकी बात आपको अटपटी लग रही हो, लेकिन उस वक्त चुप रहें। हां, बाद में आप धीरे से अपनी बात कह सकते हैं। इससे साथी को यह अहसास होता है कि उसके साथी को उसकी भावनाओं का कितना ख्याल है।
सरप्राइज देकर देखें
डॉ. पारुल कहती हैं कि अन्य रिश्तों की ही तरह दांपत्य में भी एक-दूसरे को अच्छे सरप्राइज देना जरूरी है। समय-समय परसरप्राइज देते रहने से रिश्तों में ताजगी बनी रहती है और प्यार भी बढ़ता है। उदाहरण के लिए कभी आप अपने साथी के लिए उसकी पसंद का गुलाब लाकर दे सकते हैं तो कभी उनके लिए फूलों का एक गजरा लाकर दे सकते हैं। इनसे ही आपके साथी के चेहरे परवो मुस्कान आ जाएगी, जो ढेर सारे हीरे भी नहीं दे सकते हैं।
गोपनीय बचत जरूरी है
डॉ. शमिका कहती हैं कि दांपत्य में सफलता के लिए बहुत जरूरी है कि दोनों फ्यूचर के लिए कुछ न कुछ बचत करते रहें। इस संदर्भ में अमेरिका की क्लीनिकल थेरैपिस्ट टोमैनिका विदरस्पून का कहना सराहनीय है कि महिलाओं को यह सीख शायद बचपन में अपनी मां से मिलती है कि फ्यूचर के लिए कुछ पैसे बचाकर रखना जरूरी है। इसलिए अगर आपकी पत्नी आपसे छिपाकर कुछ बचत करती हैं तो उनकी इस बात के लिए सराहना करनी चाहिए। ऐसा न हो कि उनकी इस अच्छी आदत के लिए भी आप उनकी बुराई करें।
