यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कोटखाई मामला: फॉरेंसिक लैब जुन्गा पहुंची सीबीआइ ने खंगाले तथ्य
सीबीआइ ने अपनी जांच को तेज कर दिया है क्योंकि प्रदेश उच्च न्यायालय ने उसे तीन महीने का समय देने से इन्कार कर दिया था।

शिमला, राज्य ब्यूरो। जिला शिमला के कोटखाई में दसवीं कक्षा की छात्रा की दुष्कर्म के बाद हुई हत्या के मामले में सीबीआइ ने वीरवार को फॉरेंसिक लैब जुन्गा में डेढ़ घंटे तक अधिकारियों से सारे मामले की जांच का ब्योरा लिया। सीबीआइ के अधिकारियों ने फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर तथ्यों को खंगाला।
दूसरी तरफ पुलिस लॉकअप में एक आरोपी सूरज की हत्या को लेकर कोटखाई थाना में तैनात पुलिस अधिकारियों व कर्मियों से पूछताछ की और मौके का भी मुआयना कर जानकारी एकत्रित की। सीबीआइ ने अपनी जांच को तेज कर दिया है क्योंकि प्रदेश उच्च न्यायालय ने उसे तीन महीने का समय देने से इन्कार कर दिया था। अब सीबीआइ को 17 अगस्त को प्रदेश उच्च न्यायालय में स्टेटस रिपोर्ट देनी है। वीरवार दोपहर ढाई बजे सीबीआइ की टीम फॉरेंसिक लैब जुन्गा पहुंची और डेढ़ घंटे तक वहां कोटखाई मामले की जांच करने वाले अधिकारियों से जानकारी हासिल की। वहां के उच्च अधिकारियों से जांच के तरीके के साथ रिपोर्टों को लेकर भी ब्योरा लिया गया।
सीबीआइ के अधिकारियों ने कोटखाई पुलिस कर्मियों से पूछा कि आखिर सूरज की हत्या किस तरह से हुई थी। पुलिस कर्मचारियों से बारी-बारी सवाल कर उनके बयान कलमबद्ध किए गए। सीबीआइ जांच टीम द्वारा कोटखाई थाना के कर्मचारियों से पीटरहॉफ व सीबीआइ थाना में पूछताछ की गई। सूरज की हत्या को लेकर थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी के साथ मुंशी व संतरी से पूछताछ हुई है। इन सभी को पहले ही निलंबित कर लाइन हाजिर किया गया है। सीबीआइ ने अभी तक इस मामले में कोई खुलासा नहीं किया है। अभी तक की जांच रिपोर्ट भी सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट को दी है। ऐसे में अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि आखिर इस मामले का मुख्य आरोपी कौन है।
