यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हिमाचलः सीएम समेत मंत्री, अफसर व विधायक नहीं कर सकेंगे लालबत्ती का इस्तेमाल
हिमाचल सरकार ने वीआइपी कल्चर बंद करते हुए नेताओं के साथ- साथ अफसरों की गाड़ी से बत्ती उतारने का आदेश दे दिया है।

राज्य ब्यूरो, शिमला। केंद्र सरकार ओर से देश भर में लाल बत्ती पर बैन लगाने से पहले ही हिमाचल सरकार ने वीआइपी कल्चर बंद करते हुए नेताओं के साथ- साथ अफसरों की गाड़ी से बत्ती उतारने का आदेश दे दिया है। अब शनिवार से प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित मंत्री व अन्य कोई भी अधिकारी बत्तियों का प्रयोग नहीं कर सकेंगे।
प्रदेश परिवहन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के तहत प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के अलावा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बत्तियों का इस्तेमाल कर सकेंगे। अधिसूचना में इसका प्रावधान किया गया है। बत्तियां छोड़ने का निर्णय न्यायाधीशों के विवेक पर रखा गया है।
प्रदेश सरकार ने वीआइपी के लिए लाल, नीली या पीली बत्ती के प्रावधान से जुड़ी तमाम अधिसूचनाएं वापस लेकर मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों, चेयरमैनों और अधिकारियों के वाहनों पर वीआइपी कल्चर की सूचक लाल, नीली व पीली बत्ती लगाने पर रोक लगा दी है। नेताओं के बत्तियों के शौक के लिए निगम-बोर्डो के चेयरमैन बनाए गए थे, लेकिन इस फैसले उन्हें भी बत्ती का मोह छोड़ना होगा। अब प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित मंत्री व अन्य कोई भी अधिकारी बत्तियों का प्रयोग नहीं कर सकेंगे।
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'मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और मंत्रियों से सलाह के बाद यह आदेश जारी किए गए हैं। पहली मई को भी बत्तियों को हटाने था इसलिए सरकार ने पहले ही हटाने का निर्णय लिया है। न्यायाधीशों के विवेक पर बत्तियां छोड़ने का निर्णय रखा गया है।'
वीसी फारका, प्रदेश के मुख्य सचिव
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आदेश के बाद कई विधायकों और अफसरों ने हटाई बत्ती
मोदी सरकार के निर्णय से पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली ने अपनी लाल बत्ती छोड़ दी थी और इसके बाद वीरवार को ही राज्यपाल आचार्य देवव्रत, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल व अन्य भाजपा विधायकों ने अपनी बत्तियों को छोड़ दिया। अधिसूचना जारी होने के बाद प्रदेश के अधिकारियों ने अपनी गाडि़यों से बत्तियों को निकाल लिया। मंडी जिले के जोगेंद्रनगर के विधायक गुलाब ¨सह ठाकुर, एडीएम विवेक चंदेल ने अपने वाहन से बत्ती उतार दी। जबकि धर्मशाला पहुंचे सीपीएस जगजीवन पाल ने सबसे पहले खुद अपने वाहन की लाल बत्ती उतारी। वहीं जिलाधीश सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अपने वाहनों से बत्ती हटा दी।
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अब इन्हें होगी बत्ती की अनुमति
केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत अब केवल आपातकालीन सेवा वाहनों जिनमे एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन और पुलिस नीली बत्ती का इस्तेमाल कर सकेंगे। प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश व न्यायाधीश पहली मई से बत्ती नहीं लगा सकेंगे।
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