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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

640 करोड़ के बदले दिए 64 करोड़

By Babita KashyapEdited By:
Published: Wed, 14 Jun 2017 02:04 PM (IST)Updated: Thu, 15 Jun 2017 09:22 AM (IST)

हैरानी इस बात की है कि केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को महज 64 करोड़ रुपये ही जारी किए हैं।

640 करोड़ के बदले दिए 64 करोड़
640 करोड़ के बदले दिए 64 करोड़

शिमला, राज्य ब्यूरो। प्रदेश में बादल फटने के अलावा प्राकृतिक आपदाओं से होने वाला नुकसान बढ़ता जा रहा है। प्रदेश सरकार ने राज्य में प्राकृतिक आपदा के तहत हुए 750 करोड़ रुपये के नुकसान की रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी थी। केंद्र से आई टीम ने 640 करोड़ रुपये का नुकसान आंका। हैरानी इस बात की है कि केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को महज 64 करोड़ रुपये ही जारी किए हैं।

प्राकृतिक आपदा राहत के तहत मिलने वाली राशि केंद्र सरकार मनमर्जी से तय करती है। इसका नतीजा यह है कि केंद्र सरकार ने 64 करोड़ रुपये ही जारी किए हैं जबकि मृतकों के परिजनों को मुआवजा चुकाने पर ही सरकार के 50 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। प्रदेश सरकार को मवेशियों के मारे जाने, मकान ढहने, गोशालाएं गिरने,

सड़कें ध्वस्त होने व फसलों को नुकसान का भुगतान भी करना होता है। धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत दो साल पहले बाढ़ आई थी। एक साल पहले सुन्नी में भी बादल फटा था और कई लोगों की जान चली गई थी।

आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के विशेष सचिव डीडी शर्मा ने बताया कि चाहे सड़क दुर्घटना में मरने वाले हों या फिर प्राकृतिक आपदा के दायरे में आकर किसी की मौत होती है तो हर मृतक के परिजनों को सरकार की ओर से चार लाख रुपये की मुआवजा राशि प्रदान की जाती है। केंद्र सरकार से आपदा राहत के तहत मिलने वाली राशि बहुत कम है। तीन दिन पहले ही केंद्र सरकार ने आपदा राहत के तौर पर 64 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इतनी मामूली

रकम से आपदा राहत संचालित करना सरकार के लिए संभव नहीं है।

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