यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कोटखाई दुष्कर्म व हत्या मामले में सीबीआइ दाखिल करेगी स्टेटस रिपोर्ट
हिमाचल हाई कोर्ट ने नाबालिग से रेप व हत्या मामले में सीबीआई को स्टेटस रिपोर्ट देने के लिए वक्त दिया है।

शिमला, एएनआइ। नाबालिग से रेप और हत्या मामले में हिमाचल हाई कोर्ट ने आज सीबीआई को स्टेटस रिपोर्ट देने के लिए 2 महीने का वक्त दिया है।
कोटखाई गुडि़या मामले में गिरफ्तार आरोपी सूरज की पुलिस लॉकअप में हुई हत्या के मामले में सीबीआइ द्वारा आरोपी पुलिस अधिकारियों का पॉलीग्राफी टेस्ट करवाया है। हालांकि सीबीआइ ने इस बात पर मौन है कि टेस्ट करवाया है। वह यह जरूर कह रही है कि टेस्ट करवाया जाएगा। सूरज की हत्या की गुत्थी को सीबीआइ इसी टेस्ट के आधार पर सुलझाएगी। निलंबित आईजी से लेकर कांस्टेबल तक आरोपियों को सीबीआइ ने इसी टेस्ट के लिए फिर रिमांड पर लिया है।
रिमांड मिलने के बाद सोमवार देर रात को करीब 11.30 बजे सीबीआइ सभी आरोपियों को दिल्ली ले गई। पुख्ता सूत्रों के अनुसार, बुधवार को भी कुछ आरोपियों का पॉलीग्राफी टेस्ट करवाया जाएगा। वीरवार को सीबीआइ ने आठों आरोपियों को सीजेएम शिमला की अदालत में पेश करना है। अदालत में सीबीआइ यह स्पष्ट कर चुकी है कि सूरज की हत्या इस मामले में गिरफ्तार राजू ने नहीं की है, बल्कि पुलिस ने ही राजू को मारा है। सीबीआइ द्वारा दिल्ली पुलिस मुख्यालय में आईजी और उससे उच्च स्तर के अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है। संतरी ने भी अपने बयान में सीबीआइ को इसी बात को बताया है कि उसके सामने सूरज की हत्या नहीं की गई।
आखिर क्या है पॉलीग्राफी टेस्ट
जब पॉलीग्राफी टेस्ट शुरू होता है तो व्यक्ति से तीन से चार आसान सवाल किए जाते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है कि मुख्य मुद्दे पर सवाल करने से पहले व्यक्ति को सामान्य किया जा सके। जिससे व्यक्ति से आ रही तरंगों को मशीन सही से रिकॉर्ड कर सच और झूठ पता लगा सके। सवालों की संख्या कम या ज्यादा हो सकती है। इसके बाद असली मुद्दे से जुड़े सवाल जिसके लिए पॉलीग्राफी टेस्ट किया जा रहा है वे पूछे जाते हैं।
सवाल-जवाब की इस पूरी प्रक्रिया में व्यक्ति से आ रहे तरंगों यानी सिग्नल को मशीन मूविंग पेपर पर रिकॉर्ड करती है। इस टेस्ट के लिए किसी भी तरह की अनुमति की जरूरत नहीं है जबकि नार्को टेस्ट के लिए न्यायालय से अनुमति लेने के साथ ही संबंधित व्यक्ति की सहमति भी जरूरी है।
'गिरफ्तार किए गए आरोपी आईजी व अन्य सभी आठों को दिल्ली सीबीआइ पुलिस मुख्यालय लाया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। इनका पॉलीग्राफ टेस्ट भी किया जाना है।'
-आरके गौड़, मीडिया अधिकारी सीबीआइ मुख्यालय दिल्ली यादवेन्द्र शर्मा
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Kotkhai minor rape & murder: Himachal Pradesh High Court grants two more weeks to CBI to file status report; next hearing September 21,2017
— ANI (@ANI) September 6, 2017
