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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश में 30 सितंबर तक जारी रहेगी रिमझिम बारिश

By Sachin MishraEdited By:
Published: Wed, 06 Sep 2017 12:53 PM (IST)Updated: Wed, 06 Sep 2017 03:51 PM (IST)

मौसम विभाग की मानें तो हिमाचल में मानसून 30 सितंबर तक जारी रहेगा।

हिमाचल प्रदेश में 30 सितंबर तक जारी रहेगी रिमझिम बारिश
हिमाचल प्रदेश में 30 सितंबर तक जारी रहेगी रिमझिम बारिश

जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल में मानसून की रफ्तार अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। सितंबर के तीसरे सप्ताह तक मानसून के धीमा पड़ने की संभावना है। प्रदेश के कुछक्षेत्रों में अभी रिमझिम बारिश का क्रम जारी है। आज शिमला में मूसलाधार बारिश हो रही है। 

मौसम विभाग की मानें तो मानसून 30 सितंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान रिमझिम बारिश हो सकती है। भारी बारिश होने की कोई संभावना नहीं है, जिससे लोगों ने अब राहत की सांस ली है। मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना रहा। इस दौरान धूप खिली रही और तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई।

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम व न्यूनतम तापमान में कोई उल्लेखनीय परिवर्तन नहीं आया है। मंगलवार को प्रदेश का अधिकतम तापमान ऊना में 33.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जबकि न्यूनतम तापमान केलंग में 9.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

पांच जिलों में कम बरसे मेघ

प्रदेश में पहली जून से अब तक कुल 653.6 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है जो कि सामान्य के आसपास है। हालांकि कुछ जिलों में सामान्य से बहुत ज्यादा बारिश रिकार्ड की गई है। जिला ऊना में इस वर्ष अब तक 975.5 मिलीमीटर बारिश हुई जो सामान्य से 31 प्रतिशत अधिक है। वहीं जिला किन्नौर में 175.6 मिलीलीटर बारिश रिकार्ड की गई। जिला चंबा, लाहुल स्पीति, सरमौर, सोलन व किन्नौर को छोड़ प्रदेश के अन्य जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकार्ड की गई है।

जिला लाहुल-स्पीति में सामान्य से 69 प्रतिशत कम बारिश रिकार्ड की गई वहीं चंबा जिला में भी सामान्य से 48 प्रतिशत कम बारिश रिकार्ड की गई है जबकि सोलन जिला में 13 प्रतिशत कम बारिश रिकार्ड की गई जबकि जिला शिमला का आंकड़ा सामान्य के आसपास है।प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी सामान्य से काफी अधिक बारिश रिकार्ड की गई जिससे की प्रदेश में करोड़ों का नुकसान हुआ है, लेकिन हिमाचल के सभी 12 जिले बरसात में आई बाढ़ व बादल फटने की घटनाओं से प्रभावित हुए हैं। कई जिलों में तो अत्याधिक बरसात से नकदी फसल मटर, टमाटर, शिमला मिर्च ही नहीं तिल, दाले मक्की की फसलें खराब हुई हैं।

सेब बाहुल क्षेत्रों में सेब की फसल भी भारी बारिश के कारण प्रभावित हुई है। बीते चार माह से राज्य में रुक-रुक कर हो रही बारिश से 655.44 करोड़ रुपये के लगभग नुकसान हिमाचल में आपदा प्रबंधन सैल ने आंका है। बरसात के कारण 60 से अधिक लोगों को अपनी जान अब तक गंवानी पड़ी है। प्रदेश का मंडी जिला अभी भी आई प्राकृतिक आपदा के बाद नहीं संभल पाया है। सबसे ज्यादा नुकसान मंडी में प्राकृतिक आपदा से हुआ है। 

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