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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

10 वर्षीय बच्चे ने की आत्महत्या, पहले ही आ गया था संदेह के दायरे में

By Babita KashyapEdited By:
Published: Fri, 15 Sep 2017 10:33 AM (IST)

कई दिन से लंच नहीं करता था। हालांकि वह घर से हर रोज टिफिन लाता था। दोस्तों ने भी अमित के व्यवहार में बदलाव महसूस किया था।

10 वर्षीय बच्चे ने की आत्महत्या, पहले ही आ गया था संदेह के दायरे में
10 वर्षीय बच्चे ने की आत्महत्या, पहले ही आ गया था संदेह के दायरे में

शिमला, जागरण संवाददाता। संदिग्ध परिस्थिति में आत्महत्या का शिकार बना दस वर्षीय अमित शर्मा का व्यवहार एक सप्ताह से बदला हुआ था। हालांकि इसे मोबाइल फोन गेम ब्लू व्हेल से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन अभी तक जांच में इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

 

'दैनिक जागरणÓ की टीम ने स्कूल प्रबंधन, स्कूली शिक्षकों एवं बच्चों से जब संपर्क किया तो कई पहलू सामने आए। अमित के दो दोस्त सबसे करीबी थे। इन्हीं के साथ डेस्क पर बैठता था। सहपाठी कुलदीप (काल्पनिक नाम) ने बताया कि कुछ दिन से अमित अक्सर अकेला ही रहता था और हर बात पर चिढ़ जाता था। अपनी नोटबुक लेकर वह पजल गेम खेलता रहता था, बात भी कम करता था। दूसरे दोस्त दीपक (काल्पनिक नाम) ने बताया कि सोमवार जब लंच टाइम हुआ तो अमित ने लंच नहीं किया। नोटबुक लेकर अकेला बैठा था। जब हम कुछ पूछते थे तो ज्यादा नहीं बताता था। कई दिन से लंच नहीं करता

था। हालांकि वह घर से हर रोज टिफिन लाता था। दोस्तों ने भी अमित के व्यवहार में बदलाव महसूस किया था।

 

पहले ही आ गया था संदेह के दायरे में सोमवार को गुरुकुल स्कूल में सुबह प्रार्थना सभा के दौरान स्कूल के एमडी ज्ञान वर्मा ने बच्चों से पूछा कौन-कौन सी मोबाइल गेम खेलते हो...क्या एक्टिविटी करते हो। सभी बच्चों ने बताया...लेकिन जब अमित की बारी आई तो वह उठा ही नहीं। ऐसे स्कूल प्रबंधन का संदेह बढ़ गया। आखिर ऐसी क्या वजह थी कि वह बता नहीं सका। अधिकांश बच्चों ने बताया कि वे अक्सर मोबाइल फोन पर गेम खेलते हैं।

 

वहीं अमित के पिता ने पुलिस के समक्ष बयान दिया है कि वह घर के कामकाज में भी हाथ बंटाता था, लेकिन

उसने खाना छोड़ दिया। अमित मोबाइल में गेम जरूर खेलता था, लेकिन अभी तक पता नहीं चल पाया है कौन सी गेम खेलता था। वहीं सुसाइड नोट और रस्सी पुलिस बरामद नहीं कर पाई है, परिजनों ने दोनों अमित के दाह संस्कार में जला दिए थे। पुलिस ने पिता का मोबाइल फोन कब्जे में लिया है।

 

पूरा करता था होमवर्क

स्कूल के मुख्य अध्यापक भरत भूषण ने बताया कि पांचवीं कक्षा में कुल 17 बच्चे पढ़ते हैं। उनमें अमित भी पढ़ता था। उसे आशा चौहान, ओम प्रकाश और आंचल चौहान पढ़ाते थे। वह सामान्य विद्यार्थी था। जैसा बच्चों ने बताया कि अमित के व्यवहार में बदलाव आया था, लेकिन वह होमवर्क पूरा करता था। 

 

स्कूल में अमित इसी साल आया था। पहले दूसरे स्कूल में पढ़ता था। पढ़ाई में सामान्य था। पिछले कुछ दिनों से उसके व्यवहार में थोड़ा बदलाव था। हमने सोमवार को मार्निंग एसेंबली में काउंसलिंग की थी। उस दिन अमित उठा नहीं था।

-ज्ञान वर्मा, प्रबंधक , गुरुकुल पब्लिक स्कूल

 

मामले की जांच चल रही है। मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अभी ब्लू व्हेल गेम वाले एंगल की पुष्टि नहीं हो पा रही है। जब तक जांच पूरी नहीं होती किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकते हैं।

-संतोष शर्मा, एसडीपीओ

 

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