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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मंडी में स्क्रब टायफस के छह मामले

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Published: Wed, 20 Aug 2014 01:02 AM (IST)

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संवाद सहयोगी, मंडी : मंडी जिले में 10 दिन के अंतराल में स्क्रब टायफस के छह नए मामले सामने आए हैं। पीड़ित रोगी जिले के अलग-अलग क्षेत्र से संबंध रखते हैं। इनमें से एक रोगी आइजीएमसी शिमला में उपचाराधीन है। पीड़ित महिला की पहचान दीक्षा (23) निवासी गोखड़ा के रूप में हुई है। इसके अलावा पंडोह निवासी इंद्रू राम, तल्याहड़ निवासी राजबीर, पैलेस कॉलोनी मंडी निवासी इंदू, राजेंद्र, हिमा देवी व संजीव में भी स्क्रब टायफस की पुष्टि हुई है।

पीड़ित महिला ने 23 जुलाई को पीएचसी कोटली में उपचार करवाया था पर कोई फर्क न पड़ने पर उसने क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में दवा ली। क्षेत्रीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे आइजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया है। आइजीएमसी में डॉक्टरों ने रोगी में स्क्रब टायफस होने की पुष्टि की है। मंगलवार को शिमला से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस बाबत जिला स्वास्थ्य अधिकारी को अवगत करवा दिया है। मंडी जिले की महिला के स्क्रब टायफस से पीड़ित होने की सूचना के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। बीएमओ कोटली ने तुरंत टीम को मौके पर भेज दिया है। कोटली स्वास्थ्य खंड के तहत गोखड़ा में स्वास्थ्य टीमें लोगों को जागरूक करने में जुट गई हैं। स्वास्थ्य टीम को संभावित स्क्रब टायफस रोगियों (जिसमें बीमारी के लक्षण दिख रहे हों) को डॉक्सीसाइक्लीन दवा बांटने के निर्देश जारी किए गए हैं। उधर, जिला नोडल अधिकारी डॉक्टर दुर्गेश्वरी ने छह नए मामले आने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर जाकर स्थिति का जायजा ले रही हैं।

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दवा न लिखने पर विभाग सख्त

स्क्रब टायफस से संभावित तौर पर पीड़ित रोगी को दवा न लिखने पर अब स्वास्थ्य विभाग सख्त हो गया है। संभावित रोगी को डॉक्सीसाइक्लीन दवा लिखने को लेकर जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने निर्देश जारी कर दिए हैं और मामले को हल्के में लेने पर कार्रवाई को चेताया है।

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क्या है स्क्रब टायफस

यह रोग एक जीवाणु विशेष (रिकेटशिया) से संक्रमित पिस्सु के काटने से फैलता है जो कि खेतों, झाड़ियों व घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस बुखार पैदा करता है।

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लक्षण

-तेज बुखार आना जो 104 से 105 डिग्री तक हो सकता है।

- जोड़ों में दर्द व कंपकंपी के साथ बुखार आना।

-शरीर में ऐंठन, अकड़न या फिर रोगी का शरीर टूटने लगता है।

- अधिक संक्रमण में रोगी की गर्दन, बाजुओं के नीचे व कूल्हों के ऊपर गिल्टिया होना।

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ऐसे करें बचाव

-शरीर की सफाई का विशेष ध्यान रखें।

-घर के चारों ओर उगी घास की समय-समय पर सफाई करें।

-खरपतवार को उगने न दें।

-आवास के अंदर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें।

- खेतों में काम करते समय टाग, पाव व बाजू ढककर रखें।

-लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।