यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अज्ञात बीमारी से बच्ची की मौत

संवाद सहयोगी, हमीरपुर : जिला मुख्यालय से करीब बारह किमी ग्राम पंचायत ख्याह लोहाखरियां के गांव भड्डू में रविवार को सात वर्षीय बच्ची सहज की अज्ञात बीमारी से मौत हो गई। इससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। इसी परिवार की एक अन्य बच्ची की हालत भी गंभीर बनी होने से परिवार के सदस्य डरे हुए हैं। जानकारी के अनुसार भड्डू गांव के सुभाष शर्मा की सात वर्षीय बेटी सहज के शनिवार को अचानक ही बीमार होने पर उसे हमीरपुर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उल्टी, बुखार से तबीयत बिगड़ जाने पर उसे टांडा मेडिकल कालेज में रेफर किया गया था जहां रविवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ जाने पर उसकी मौत हो गई है।
रविवार को ही सुभाष शर्मा के दूसरे भाई अशोक कुमार की नौ बर्षीय बेटी कशिश की तबीयत भी अचानक बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बाद में उसे भी टांडा मेडिकल कालेज रेफर किया गया है जहां पर उसका उपचार चल रहा है।
रविवार को क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर से स्वास्थ्य विभाग की टीम जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय जगोता की अगुवाई में गांव भडडू पहुंची और वहां पर टीम के सदस्यों डॉ हरमिंद्र सिंह व डॉ के के शर्मा ने प्राकृतिक जल स्त्रोतों से पानी के सैंपल लिए और गांववासियों व बच्ची के परिजनों से बातचीत कर जानकारी ली। उधर बच्ची सहज की मौत के बाद उसकी माता गम में डूबी हुई है। भड्डू गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गहनता से निरीक्षण कर पूरी स्थिति का जायजा लिया गया है और पानी के सैंपल भर कर लैब में टेस्टिंग के लिए भेजे गए हैं।
ग्राम पंचायत प्रधान मस्त राम ने बताया कि गांव में प्राकृतिक जल स्त्रोतों को साफ रखा जाता है और गांव में अन्य किसी भी व्यक्ति को पिछले कुछ महीनों में जलजनित रोग नहीं हुआ है। भडडू गांव में इस तरह से बच्चियों के बीमार होने से लोग भी डरे हुए हैं।
सहज कलंझड़ी के पास एक निजी स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ती थी जबकि टांडा में उपचाराधीन कशिश भी तीसरी कक्षा में कलंझड़ी स्कूल में पढ़ती है। मौके पर मौजूद जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा संजय जगोता का कहना है कि बच्ची की मौत अज्ञात बीमारी से हुई है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि दूषित पानी न पिएं और पानी को उबाल कर पिएं। उन्होंने गांव में गंदगी से होकर जाने वाली पेयजल पाइपों को भी गंदगी से बाहर से निकालने के लिए ग्रामीण को सचेत किया। उन्होंने बासी खाना व बाहरी व्यक्तियों द्वारा बेचे जाने वाली सामग्री को नहीं खाने की हिदायत भी दी है।
