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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिमागी बुखार से ग्रस्त चार बच्चे घाटी से नहीं निकल पाए

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Published: Sat, 22 Feb 2014 01:00 AM (IST)Updated: Sat, 22 Feb 2014 01:03 AM (IST)

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संवाद सूत्र, पांगी : मौसम की बेरहमी के चलते शुक्रवार को भी पांगी क्षेत्र के लोगों को हवाई उड़ान का इंतजार करके किलाड़ हेलीपैड से निराश लौटना पड़ा। इससे पहले भी किलाड़-भुंतर के लिए हवाई उड़ान नहीं हो पाई थी।

सूत्रों के मुताबिक इस सेवा को खराब मौसम के चलते रोहतांग से भुंतर वापस लौटना पड़ा था। परिणामस्वरूप कई मरीजों को दोबारा फिर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किलाड़ में दाखिल करना पड़ा। उधर शुक्रवार को भी चंबा किलाड़ के उड़ान होने के चलते मरीजों को एक बार फिर से किलाड़ हेलीपैड पर लाया गया था। लेकिन कुदरत की मार कह लें या फिर मरीजों की किस्मत कि साच दर्रे में बिगड़े मौसम के हालात को देखकर यह हेलीकाप्टर वापस हो गया। जिसके चलते पांगी किलाड़ हेलीपैड पर मरीज इस सेवा का इंतजार करते रहे। जिनमें एक गंभीर रूप से बीमार एक चार वर्ष का बच्चा, एक डेढ़ वर्ष का बच्चा व एक तीन वर्ष का बच्चा भी शामिल है। जिन्हें स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दिमागी बुखार है। देसराज, विश्वनाथ, सुनिता देवी व जान देई के अलावा अलग-अलग बीमारियों से कई पीड़ित लोग को शिमला और कुल्लू के लिए रेफर किया गया है। लेकिन मौसम ने इनके परिजनों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं मरीजों के अलावा परीक्षा देने वाले करीब 10 लोगों का भविष्य भी दांव पर लग गया है। क्योंकि आगामी 23 फरवरी को चंबा में इनकी परीक्षा है। इसके चलते अगर रविवार को भी उड़ान होती है तो भी इनका भविष्य दांव पर लग जाएगा।