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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

किसान मुक्ति संसद में महिलाओं ने भी की भागीदारी

By JagranEdited By:
Published: Tue, 21 Nov 2017 05:42 PM (GMT+05:30)

जागरण संवाददाता, रेवाड़ी : दिल्ली में अखिल भारतीय किसान संघ की किसान मुक्ति संसद में रेवाड़

किसान मुक्ति संसद में महिलाओं ने भी की भागीदारी
किसान मुक्ति संसद में महिलाओं ने भी की भागीदारी

जागरण संवाददाता, रेवाड़ी :

दिल्ली में अखिल भारतीय किसान संघ की किसान मुक्ति संसद में रेवाड़ी स्वराज इंडिया के कार्यकर्ता और काफी संख्या में किसान शामिल हुए। इसमें काफी संख्या में महिलाएं भी किसान के सम्मान का प्रतीक हल लेकर प्रदर्शन में शामिल हुई। सोमवार को आरंभ हुआ प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। इसमें सहारनवास, जैनाबाद से गई महिलाओं ने महिला मुक्ति संसद में विशेष भागीदारी निभाई। स्वराज इंडिया पार्टी की रेवाड़ी इकाई प्रधान राजबाला यादव ने बताया कि महिला संसद में पहुंची किसान विधवा महिलाएं जिनके पति कृषि की परेशानी के चलते आत्महत्या कर चुके हैं ने अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने कहा कि किसान संसद में उपस्थित रेवाड़ी की महिलाओं ने अपनी बात संसद के पटल पर बेबाकी से रखा। किसान संसद में ऋण मुक्ति और फसलों का पूरा दाम और आत्महत्या कर चुके किसान विधवाओं की सरकार से मदद करने की मांग की गई। प्रदर्शन में रेवाड़ी अधिवक्ता कुसुम, मधु चौधरी, उर्मिला, संतोष, ब्रिम्हा, सुनीता, सावित्री, कौशल्या, सुमन सहित काफी संख्या में महिलाओं और किसानों ने हिस्सा लिया। लक्ष्मण जांगिड़, रामावतार,आनंद यादव, ओमबीर, धर्मपाल, दिनेश, बिटटू शर्मा, अरुण कौशिक, जगमाल, राजपाल,बलवंत, रजनी भूड़थला, योगेश्वर आदि का भी विशेष योगदान रहा।