यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जाट आंदोलन की आग पड़ी ठंडी , दंगाइयों पर गिरेगी गाज
पिछले दिनों जाट आरक्षण आंदोलन में फैली हिंसा से झुलस रहे हरियाणा में बृहस्पतिवार को शांति रही। हांसी के तीन ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। प्रदेश में जाट आंदोलन की आग अब थम गई है। बृहस्पतिवार को प्रदेश भर में हालात सामान्य नजर आए। हांसी के सैनीपुरा, ढाणीपाल और सिसाय में कर्फ्यू जारी है, लेकिन अन्य स्थानों से इसे हटा लिया गया है। अभी जातीय तनाव के कारण कई जगहाें पर सेना, अर्द्ध सैनिक बल व पुलिस के जवान तैनात हैं। दूसरी ओर, हिंसा व दंगे के दौरान लूटमार और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गई है।
राज्य में बृहस्पतिवार को स्थिति सामान्य रही। हिसार, रोहतक, भिवानी सहित अभी स्थानों पर बाजार खुले और सड़काें पर भी यातायात सामान्य रहा। बस व रेल सेवा भी पहले से सुचारू रही। कई शहरों में स्कूल भी खुले और जनजीवन पटरी पर आता नजर आया।
एडीजीपी विजिलेंस बीके सिन्हा जुुटाएंगे दंगाइयों के खिलाफ सुबूत
हरियाणा सरकार ने जाट आंदोलन में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की जांच के बाद लूटमार तथा संपत्ति के नुकसान करने वालाें को सजा दिलाने के के बारे में सबूत जुटाने के लिए एडीजीपी (विजिलेंस) बीके सिन्हा को जिम्मेदारी सौंपी है। सिन्हा इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए। वह राज्य भर में जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, वीडियो रिकार्डिंग व आडियो क्लीपिंग इकट्ठा कर अपनी रिपोर्ट सरकार को देंगे।
एडीजीपी सिन्हा अपने मौजूदा पद पर बने रहकर नोडल अधिकारी के रूप में काम करेंगे। उन्हें सार्वजनिक एवं निजी सूत्रों से घटना के बारे में सभी वीडियो और आडियो रिकार्डिंग के साथ-साथ अन्य सभी सबूत जुटाने को कहा गया है। 14 फरवरी से 23 फरवरी के बीच राज्य भर में फैले हिंसा व दंगे में सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों का भारी नुकसान हुआ। नुकसान करने वाले वास्तविक अपराधियों और घटना को अंजाम देने वालों की सांठगांठ के सबूत भी सिन्हा इकट्ठे करेंगे।
भाजपा हाईकमान को भी भेजे जाएंगे दंगे से जुड़े वीडियो-आडियो क्लीपिंग
कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी का जाटों के विरुद्ध बोलने का आडियो व वीडियो क्लीप सरकार के पास है, लेकिन सरकार ने सभी राजनीतिक दलों, जाट व खाप नेताओं व आंदोलनों में इस्तेमाल की गई उग्र भाषा से संबंधित तमाम आडियो-वीडियो भी अपने पास मंगवाए हैैं। यह पार्टी कार्यकर्ता भी भेज रहे और ऐसे आडियो-वीडियो सीधे सीएम के सलाहकारों के पास भी आ रहे हैैं। जब उनकी संख्या अधिक हो गई तो सरकार ने नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है।
इन आडियो-वीडियो के जरिए सरकार लूटमार करने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करेगी और कई वीडियो को हाईकमान को भी भेजेगी, ताकि जाट व गैर जाट की बढ़ती खाई की वजह जानने में हाईकमान को आसानी हो सके। साथ ही ऐसे वीडियो भी इकट्ठा किए जा रहे हैैं, जिनमें दंगों के पीछे राजनीतिक मंशा के स्पष्ट प्रमाण मिल सकें।
रजनी सेखरी सिब्बल होंगी मुआवजा वितरण की नोडल अधिकारी
आइएएस अधिकारी रजनी सेखरी सिब्बल को सीएमओ में लाने की तैयारी है। उन्हें फिलहाल पीडि़त लोगों को मुआवजा देने काम के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। रजनी को सीएम के अतिरिक्त प्रधान सचिव पद पर नियुक्ति दी जा सकती है।
आनलाइन भी दे सकेंगे पीडि़त व्यक्ति नुकसान की जानकारी
सरकार ने घोषणा की कि प्रदेश में हाल ही में हुई हिंसा तथा गैर कानूनी गतिविधियों के कारण जिन व्यक्तियों को वाणिज्यिक या आवासीय संपतियों और वाहनों का नुकसान हुआ है, वे सभी प्रभावित व्यक्ति अपने नुकसान के दावे के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन के अनुसार विभाग की वेबसाइट www.ulbharyana.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
ऑनलाइन आवेदन करने वाले व्यक्तियों को व्यक्तिगत रूप से अपने आवेदन फार्म जमा करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रभावित व्यक्तियों को तुरंत अंतरिम या आंशिक सहायता देने का भी निर्णय लिया है। जिनकी संपतियों और वाहनों को प्रदर्शन के दौरान नुकसान हुआ है, वे इसका स्व-आंकलन कर निर्धारित प्रोफोर्मा में विवरण दे सकते हैं। आवेदक अंतरिम राहत के रूप में 25 प्रतिशत तक का दावा किया जा सकता है। वितरण का काम 29 फरवरी से आरंभ कर दिया जाएगा।
