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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मत्स्य पालन के लिए अनूसूचित जाति के परिवारों को मिलेगा दो लाख रुपये का अनुदान : ईश्वर

By JagranEdited By:
Published: Sat, 12 Aug 2017 03:00 AM (IST)

जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : जिला मत्स्य अधिकारी ईश्वर ¨सह ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर

मत्स्य पालन के लिए अनूसूचित जाति के परिवारों को मिलेगा दो लाख रुपये का अनुदान : ईश्वर
मत्स्य पालन के लिए अनूसूचित जाति के परिवारों को मिलेगा दो लाख रुपये का अनुदान : ईश्वर

जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : जिला मत्स्य अधिकारी ईश्वर ¨सह ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से अनुसूचित जाति के परिवारों को मछली पालन व्यवसाय से जोड़ने के लिए पंचायती तालाब के सुधार के लिए प्रति हेक्टेयर 2 लाख रुपये अनुदान के रूप में दे रही है। विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जिला मत्स्य अधिकारी ने बताया कि अनुसूचित जाति के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मछली पालन एक अच्छा व्यवसाय है। इसके लिए सरकार द्वारा 10 दिन के प्रशिक्षण के लिए 1100 रुपये भत्ता दिया जा रहा हैं। अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को निजी तालाब व पंचायती तालाब में मछली पालन के लिए पट्टे पर लेनी वाली जमीन के लिए 50 हजार रुपये से 2 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान के रूप में दिया जाता है। जाल खरीदने के लिए 9 हजार रुपये का अनुदान, मछली पकड़ने का ठेका लेने पर ठेका राशि का 25 प्रतिशत अधिक से अधिक 2 लाख रुपये अनुदान के रूप में दिए जा रहे है।

मछली की थोक बिक्री के लिए 5 हजार रुपये व परचून बिक्री के लिए 3 हजार रुपये प्रतिमाह अनुदान के रूप में दिए जाते हैं। सरकार द्वारा लघु मध्यम साइज की रंगीन मछली की बैकयार्ड हैचरी की इकाई लगाने पर इस वर्ग के परिवारों को 50 प्रतिशत अनुदान तथा खाद व खुराक पर 60 प्रतिशत की दर से 90 हजार से लेकर 1 लाख 80 हजार तक का अधिकतम अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार की इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी का चुनाव निर्धारित कमेटी द्वारा किया जाएगा तथा अनुदान पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर तिमाही बजट की उपलब्धता पर दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए जिला मत्स्य अधिकारी कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर स्थित कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस को संपर्क किया जा सकता है।