यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
संदिग्ध डेंगू से युवक की मौत, दहशत में लोग
जागरण संवाददाता, कैथल : जिलेभर में डेंगू व वायरल का कहर जारी है। अस्पतालों में रोजाना

जागरण संवाददाता, कैथल
:जिलेभर में डेंगू व वायरल का कहर जारी है। अस्पतालों में रोजाना केस सामने आ रहे हैं। अमरगढ़ गामड़ी गली नंबर तीन में हर घर में वायरल व डेंगू का प्रकोप है। कई घर तो ऐसे हैं जहां एक परिवार के तीन से चार सदस्य इसकी चपेट में हैं, वहीं खुराना रोड पर एक युवक की डेंगू से मौत होने की बात परिजन कह रहे हैं, हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है। वहीं डेंगू के दो मरीजों की हालात गंभीर होने पर सिविल अस्पताल से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। नानकपुरी कालोनी निवासी 20 वर्षीय युवक सूरज की डेंगू से मौत हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है। मृतक युवक के पिता अशोक कुमार ने बताया कि एक सप्ताह पहले सूरज को बुखार आया था। अस्पताल में दाखिल कराया तो टेस्ट कराने पर डेंगू होने की बात कही। प्लेटलेट्स दस हजार तक आ गए थे। कैथल में कोई सुधार नहीं होने पर करनाल के कल्पना चावला अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां चिकित्सकों ने चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया। जहां शुक्रवार को मौत हो गई।
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अमरगढ़ गामड़ी में सबसे ज्यादा केस
अमरगढ़ गामड़ी निवासी जग्गा सैनी, ब¨लद्र, काला व फूल कुमार ने कहा कि गली में डेंगू व वायरल का कहर है। पिछले एक महीने से लोग परेशान हैं। ऐसा कोई घर नहीं जिसमें लोग बीमार न हो। इस समय भी 20 से 25 के करीब लोग डेंगू व वायरल की चपेट में हैं। दो लोगों को निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। गली में युवराज ¨सह, रोहित, दिनेश, र¨वद्र, बलराज, शुभम, सुनीता, विशाल, सीमा, सोनिया, जॉनी, टॉनी, बिमला, सुनील, रानी, मान ¨सह, सतीश को बुखार है। कालोनी वासियों ने कहा कि डेंगू व वायरल को लेकर इस कदर दहशत है की हलका बुखार होते ही लोग टेस्ट करवाने के लिए अस्पताल की तरफ दौड़ रहे हैं। कालोनी की गलियों में गंदगी जमा है। साफ-सफाई की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। फो¨गग भी नगर परिषद द्वारा नहीं की गई है।
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इन लोगों को किया रेफर
खुराना रोड निवासी सूरज की डेंगू से मौत हो गई। मृतक युवक के परिजनों ने बताया कि सूरज को पिछले सप्ताह बुखार हुआ था। टेस्ट करवाया तो डेंगू बुखार बताया गया। पहले सरकारी अस्पताल में दाखिल किया, लेकिन इलाज में कोई सुधार न होने पर एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां चिकित्सकों ने हालात खराब होने पर रेफर कर दिया। इसके बाद करनाल के कल्पना चावला अस्पताल में ले गए। यहां भी सुधार न होने पर चंडीगढ़ पीजीआइ ले जाया गया, जहां शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने कहा कि इलाज में लापरवाही बरतने के कारण उनके बेटे की मौत हुई है।
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मरीज ज्यादा, बेड कम
सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों में बेडों की संख्या कम पड़ गई है। वायरल के तो रोजाना 60 से 65 केस अस्पताल में आ रहे हैं। सिविल अस्पताल ही नहीं प्राइवेट अस्पताल में भी बेड कम होने के कारण मरीज परेशान हैं। सरकारी अस्पताल में एक बेड पर दो-दो मरीजों को दाखिल करना पड़ रहा है। प्राइवेट अस्पताल में फो¨ल्डग लगाए जा रहे हैं।
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कई गांव और कालोनियों में
आज तक नहीं हुई फो¨गग
कई गांव में कालोनियों में डेंगू व वायरल के केस तो बढ़ रहे हैं, लेकिन आज तक फो¨गग तक नहीं हो पाई है। लोग अपने तौर पर ही मच्छरों से बचाव करने पर मजबूर हैं। गांव रोहेड़ियां के सरपंच रामफल सैनी ने कहा कि पंचायत के पास इतना फंड नहीं की फो¨गग के लिए अपनी मशीन खरीद सके। स्वास्थ्य विभाग को कई बार फो¨गग करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक फो¨गग नहीं हुई है।
वर्जन
डेंगू व वायरल के बढ़ रहे केसों को लेकर विभाग सतर्क है। गांव व शहरों में टीमों का गठन कर डेंगू के लारवे की जांच को लेकर अभियान चलाया हुआ है। जहां लारवा मिलता है वहां दवाई डालकर खत्म किया जा रहा है। अभी तक डेंगू से जिले में कोई डेथ नहीं हुई है। 140 के करीब डेंगू के केस हैं। वायरल इस बार ज्यादा है। वायरल में प्लेटलेट्स कम होने के कारण लोग इस डेंगू मान रहे हैं। डेंगू व वायरल से लोग घबराए नहीं। बुखार होने पर सिविल अस्पताल में इलाज लें।
डॉ. शमशेर ¨सह, जिला महामारी अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग।
