यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सौथा गांव में डेंगू से 12 साल के बच्चे की मौत
जागरण संवाददाता, कैथल : जिले में डेंगू के डंक ने एक और ¨जदगी को लील लिया। सौथा गांव में ए

जागरण संवाददाता, कैथल : जिले में डेंगू के डंक ने एक और ¨जदगी को लील लिया। सौथा गांव में एक 12 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसकी कोई जानकारी नहीं है। परिजनों ने डेंगू से बच्चे की मौत होने की बात कही है। इससे पूर्व भी कैथल में संदिग्ध डेंगू से दो लोगों की मौत हो चुकी है। सौथा गांव में हुई बच्चे की मौत के बाद ग्रामीणों में डेंगू को लेकर दशहत है। गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित है। एक महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे पटियाला के अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। सौथा गांव के दर्शन ¨सह ने बताया कि 12 वर्षीय बेटे को पिछले सप्ताह बुखार आया था। बुखार आने पर पहले सीवन के एक निजी चिकित्सक से इलाज लिया। लेकिन तबीयत में कोई सुधार न होने पर कैथल के एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल करवाया। यहां ज्यादा तबीयत खराब होने पर चिकित्सकों ने पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर कर दिया। जहां मंगलवार को उसकी मौत हो गई। बेटा पांचवीं कक्षा में पढ़ता था। बेटे की मौत से घर में मातम छा गया।
बॉक्स-1
गांव में कई लोगों को बुखार
ग्रामीणों के अनुसार गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित है। एक महिला को भी बुखार होने पर तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद पटियाला दाखिल करवाया गया है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में मच्छरों की बढ़ती संख्या के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जगह-जगह गांव में बरसात का पानी जमा है। निकासी का साधन न होने के कारण गलियां तालाब का रूप धारण कर चुकी हैं। बरसात का सीजन होने के बावजूद गांव में फॉ¨गग, एंटी लारवा दवाई का छिड़काव न होने से ग्रामीणों में रोष है।
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार होना।
लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्या होना।
बुखार के दौरान प्लेटलेट्स कम होना।
आंख, कमर व जोड़ों में दर्द होना।
उल्टी के साथ बेचैनी होना।
ये बरतें सावधानी
-रात के समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
-घर के आसपास बरसात का पानी जमा है तो मिट्टी का तेल डाले दें।
-कूलर, घड़ों, गमलों में पानी ज्यादा दिनों तक जमा न होने दें।
-दुकानों की छतों पर रखे टायरों में बरसात के पानी को साफ करें।
-जगह-जगह पानी इक्कठा न होने दें।
-बुखार होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह से ही इलाज लें।
जानकारी में नहीं : एसएमओ
स्वास्थ्य विभाग के एसएमओ एवं मलेरिया विभाग के प्रभारी डॉ. देवेंद्र ने बताया कि सौथा गांव में डेंगू से बच्चे की मौत को लेकर कोई जानकारी नहीं है। बच्चे की मौत को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। बच्चा कहां दाखिल था और मौत कहां और कैसे हुई है, सभी रिपोर्टों की जांच करने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
