यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल आज से, मरीजों को होगी परेशानी
जागरण संवाददाता, कैथल : अपनी मांगों को लेकर एनएचएम के तहत लगे कर्मचारी मंगलवार से दो दिवसी

जागरण संवाददाता, कैथल : अपनी मांगों को लेकर एनएचएम के तहत लगे कर्मचारी मंगलवार से दो दिवसीय हड़ताल पर जाएंगे। कर्मचारियों की हड़ताल से आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होंगी। एंबुलेंस सड़क पर नहीं दौड़ेगी, जिसके कारण गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
एनएचएम के तहत लगे प्रदेशभर में करीब 12 हजार 500 कर्मचारी है। सभी कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ¨चता बढ़ गई है। कैथल में 467 कर्मचारी सिविल अस्पताल, पीएचसी व सीएचसी में काम कर रहे हैं।
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सीएमओ के माध्यम से
सौंपा सरकार को ज्ञापन
एनएचएम के तहत काम करने वाले कर्मचारियों ने अपनी मांगों के लिए सरकार को ज्ञापन सौंपा। वहीं सीएमओ से धरना देने की भी अनुमति मांगी। सीएमओ ने कहा कि अस्पताल परिसर में धरना देने की अनुमति नहीं है, क्योंकि अस्पताल में धरना व प्रदर्शन से मरीजों को दिक्कत आएगी। इसलिए अस्पताल परिसर से बाहर धरना दे सकते हैं। सीएमओ ने कहा कि यह केंद्र सरकार का प्रोजेक्ट है। इसलिए हड़ताल पर जाने की बजाए दोबारा पत्र लिखकर कुछ समय और दिया जाए।
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कर्मचारियों के हड़ताल पर
जाने से बढ़ेगी परेशानी
कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से मरीजों की दिक्कत बढ़ेगी। एक तो पहले ही एंबुलेंस विभाग के पास कम हैं। अब सभी कर्मचारियों व चालकों के हड़ताल पर जाने से डिलीवरी के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं, सड़क हादसा घायल होने पर सिविल अस्पताल पहुंचाने सहित अन्य कार्यों को लेकर एंबुलेंस दो दिनों तक उपलब्ध नहीं होगी। वहीं आपातकालीन सेवा, निकू वार्ड सहित सीएचसी व पीएचसी में भी इलाज के लिए आने वाले मरीजों की दिक्कत बढ़ेगी।
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सिविल अस्पताल में दो
हजार की ओपीडी
सिविल अस्पताल में रोजाना 2000 से 2200 की ओपीडी है। वहीं छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व 18 पीएचसी व सब सेंटरों में भी मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से अस्पताल में मरीजों को दिक्कत आएगी।
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एनएचएम कर्मचारियों की मांग
-सभी कर्मचारियों को स्थाई किया जाए।
-नियमित वेतन लाभ तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।
-सरकारी की तरफ से जारी अधिसूचना नंबर 23, 9, 17- 17-2-14 के तहत कुछ कर्मचारियों को लाभ दिया गया है। इसे सभी कर्मचारियों को दिया जाए।
-एनएचएम के तहत कार्यरत सभी कर्मचारियों की आपसी सहमति के आधार पर एवं रिक्त पद के खिलाफ स्थानांतरण नीति एनएचएम नई दिल्ली एवं एनएचएम उत्तर प्रदेश की तर्ज पर तैयार किया जाए।
-दस वर्ष एवं तीन वर्ष की सेवा उपरांत कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
-हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की भांति एनएचएम चंडीगढ़ उत्तर प्रदेश एवं झारखंड की भांति लायलटी बोनस प्रदान किया जाए।
-एनएचएम कर्मचारियों के लिए मेडिकल बिल भुगतान की पॉलिसी बनाई जाए।
-एनएचएम कर्मचारियों के वार्षिक अनुबंध की अवधि को बढ़ाकर पंचवर्षीय कर दिया जाए।
-हटाए गए कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पड़े पदों पर समायोजित किया जाए।
-एनएचएम के तहत कार्यरत सभी कर्मचारियों को हाई रिस्क भत्ता प्रदान किया जाए।
कर्मचारियों की मांगों को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाए।
