यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डेंगू से बच्ची की मौत
लोगो-डेंगू का डंक डाक्टरों की टीम वार्ड नौ में जाकर रक्त के नमूने जाच के लिए लेगी बच्ची की एक प्

लोगो-डेंगू का डंक
डाक्टरों की टीम वार्ड नौ में जाकर रक्त के नमूने जाच के लिए लेगी
बच्ची की एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई है
संवाद सहयोगी, फिरोजपुर झिरका :शहर में डेंगू बुखार के पैर पसारने के कारण वार्ड नौ की एक 15 वर्षीय बच्ची की एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई है। डेंगू के कारण हुई मौत से शहर में सनसनी फैल गई है।
मिली जानकारी के अनुसार शहर के वार्ड नौ बाल्मीकि मोहल्ले के कस्तूर चंद की 15 वर्षीय बेटी पूनम को तीन दिन पूर्व बुखार चढ़ा था। बुखार के चलते उसके परिजनों ने पूनम का उपचार शहर के ही एक चिकित्सक से करवाया। तीन दिन बाद भी पूनम का बुखार ठीक न होने के डाक्टर ने उसके परिजनों को सलाह दी, कि वो उसके रक्त की जाच करवाएं ताकि बुखार का सही मायने में पता चल सके।
पूनम के परिजनों ने शहर के एक प्राइवेट नर्सिग होम में मंगलवार को सुबह रक्त की जाच करवाई। लेकिन इस दौरान पूनम की हालत और ज्यादा खराब हो गई। रक्त की जाच करने के बाद इस प्राइवेट नर्सिग होम के डाक्टर ने पूनम को डेगू मरीज घोषित कर दिया। हालाकि पूनम के परिजनों ने उसे राजस्थान के अलवर में उपचार के लिए ले जाने कहा। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और पूनम की डेंगू बुखार के चलते मौत की शिकार हो गई। डेंगू बुखार के चलते पूनम की मौत होने से लोगों मे हड़कंप मचा हुआ है।
वार्ड नौ के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से माग की है, कि वो शीघ्र ही उनके मोहल्ले में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों के रक्त की जाच करवाएं ताकि इस खतरनाक बुखार को फैलने से रोका जा सके और बीमारों का उपचार समय पर और सही तरीके से किया जा सके।
क्या कहते है अधिकारी :
जिला मलेरिया अधिकारी डा. वेदप्रकाश माहेश्वरी ने इस घटना पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि बुधवार को ही विभाग के डाक्टरों की टीम फिरोजपुर झिरका के वार्ड नौ में जाकर लोगों के रक्त के नमूने जाच के लिए लेगी। उन्होने कहा कि पूनम की जाच रिर्पोट को भी देखा जाएगा।
