यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 02, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पुराने और नए भाजपाई भिड़े, अनुशासन तार-तार

संवाद सहयोगी, पटौदी।
भाजपा का अनुशासन आज उस समय तार तार होता नजर आया जब उम्मीदवार को लेकर कार्यकर्ताओं की राय जानने आए प्रभारी के सामने ही पुराने और नए भाजपाई दो बार आपस में भिड़ गए। खूब गाली गलौज हुई और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
उल्लेखनीय है कि भाजपा के प्रदेश सचिव तथा जिला गुड़गाव के प्रभारी संदीप जोशी तथा जिले की सह प्रभारी मीरा तोमर हेलीमण्डी में उम्मीदवार को लेकर कार्यकर्ताओं की राय जानने आए थे। इस दौरान व्यवस्था दी गई कि भाजपा की पटौदी, हेलीमण्डी तथा मानेसर मण्डल की कार्यकारिणी तथा राव इन्द्रजीत सिंह द्वारा नामित किए गए कुछ कार्यकर्ता ही मिली पर्ची पर अपनी पसन्द का उम्मीदवार लिखकर देंगे। इससे राव इन्द्रजीत समर्थक भाजपाई भड़क गए। उनका कथन था कि जारी सूची में पुराने भाजपाइयों की संख्या बहुत ज्यादा है जबकि राव समर्थक बहुत कम लिए गए है। इससे वास्तव में कार्यकर्ता क्या चाहते हैं, का ठीक से अनुमान नहीं लगाया जा सकता है। राव समर्थकों का कहना था कि वे चाहते है कि किसी स्थानीय उम्मीदवार जिसे राव इन्द्रजीत सिंह भी चाहते हों। उनके अनुसार वे अनुशासन में रहकर अपनी बात कर रहे है जबकि पुराने कार्यकर्ता यह कह कर उन्हे उत्तेजित कर रहे है कि वे बैठक में ही क्यों आए है एवं उन्हे किसने बुलाया है।
इधर कुछ पुराने भाजपाइयों का कहना था कि राव इन्द्रजीत सिंह भाजपा एवं मोदी लहर के चलते ही विजयी हुए है यदि वे काग्रेस से अथवा इसाफ मंच के बैनर तले लड़ते तो उनकी जमानत तक जब्त हो जाती। इससे राव समर्थक भड़क गए एवं नौबत गाली गलौज तक आ गई तथा हाथापाई होते होते बची। इधर कुछ कार्यकर्ताओं ने यह कह कर मामला ठंडा करवाने की कोशिश की कि यह प्रक्रिया तो नामचारे के लिए है। वे इस प्रक्रिया का हश्र लोकसभा में भी देख चुके है। उम्मीदवार की घोषणा तो आलाकमान ने करनी है।
बाद में कुछ कार्यकर्ताओं के दखल से एक बार राव समर्थकों ने निर्णय लिया कि आए हुए पर्यवेक्षकों के सम्मुख अपनी बात कम से कम मौखिक रूप से रखी जाए तथा वे हाल के अन्दर भी चले गए परन्तु इस दौरान पुराने भाजपाई एवं राव समर्थक भाजपाइयों में पुन: हाथा पाई की नौबत आ गई एवं अंत में राव समर्थक बैठक का बहिष्कार कर बाहर आ गए।
