यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डेंगू से दहशत में जिले के लोग, नींद में सरकारी तंत्र
मुकेश खुराना, फतेहाबाद: जागरूकता की कमी कहा जाए या फिर प्रशासनिक निष्क्रियता। जिले में ड

मुकेश खुराना, फतेहाबाद: जागरूकता की कमी कहा जाए या फिर प्रशासनिक निष्क्रियता। जिले में डेंगू इस बार कहर बरपा रहा है। हर दूसरे से तीसरे घर में बुखार से पीड़ित मरीज सामने आ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में तो सुविधाएं नहीं लेकिन प्राइवेट अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं। प्लेटलेट्स डाऊन होने को लेकर मरीज भयभीत भी नजर आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में इस बार डेंगू ने पिछले पांच सालों से ज्यादा का रिकार्ड तोड़ दिया है। जिले में अब तक 203 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो गई है। इससे पहले वर्ष 2015 में डेंगू ने कहर बरपाया था, जब पूरे साल में संख्या 189 थी। समय से पहले स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू को लेकर अभियान चलाए जाने के बाद भी डेंगू पर काबू नहीं पाया जा सका है। स्वास्थ्य विभाग इस सब के लिए शहर की सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहा है। शहर में डेंगू आशंकित मरीजों की मौत व पुष्टि होने के बाद भी नगर परिषद फो¨गग मशीन खरीदने को तैयार नहीं हुआ है। नप ने ठंड का बहाना बनाकर मशीन खरीदने से इंकार कर दिया है। जबकि पिछले दिनों फतेहाबाद निरीक्षण पर आई डिप्टी डायरेक्टर डॉ.दिपाली ने फो¨गग मशीन खरीदने के आदेश दिए थे।
--वर्ष डेंगू मरीजों में पुष्टि
2017 203
2016 38
2015 189
2014 1
2013 23
--पांच दिन में डेंगू के 45 केस आए सामने
पांच दिनों में डेंगू के करीब 45 नए केस सामने आए गए हैं। शुक्रवार तक जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 157 थी, लेकिन मंगलवार तक बढ़कर 203 हो गई है। इस बार जिले में डेंगू फैलाने वाले मच्छर का वायरस ज्यादा है। जबकि मलेरिया का कम है। जिले में मलेरिया मरीजों की संख्या 41 ही है।
--12 से ज्यादा मौतें, पुष्टि नहीं
जिले में अब तक 10 से ज्यादा डेगू आशंकित मरीजों की मौत हो चुकी है। जिसमें टोहाना के सबसे ज्यादा मरीज हैं। टोहाना में करीब 7, फतेहाबाद में दो, रतिया में दो, भूना में एक मौत हो चुकी है।
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डेंगू के कुछ साधारण लक्षण :
- तेज सिर दर्द व बुखार का होना
- मांसपेशियों तथा जोड़ों का दर्द होना
- आंखों के पीछे दर्द होना
- जी मचलाना एवं उल्टी होना
- शरीर पर लाल चकते बनना
- गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना
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ऐसे रखें सावधानी :
- डेंगू फैलाने वाला मच्छर साफ पानी में पनपता है जैसे कि कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पानी का बर्तन, फ्रिज की ट्रै, टायर आदि।
- पानी से भरे हुए बर्तनों व टंकियों को ढक कर रखें।
- मच्छर दिन के समय काटता है, ऐसे में कपड़े पहने जो शरीर को ढकें।
- बुखार उतारने के लिए पैरासीटामेल ले सकते हैं।
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डेंगू को रोकने के लिए सक्षम युवाओं के हाथ सौंपी कमान :
जिले में डेंगू के प्रकोप को रोकने के लिए सक्षम युवा स्वास्थ्य विभाग के साथ जुड़ गए हैं। जिला महामारी अधिकारी डॉ.विष्णु मितल ने बताया कि फतेहाबाद में 50 तथा टोहाना में 15 सक्षम युवाओं की डयूटी लगाई गई है। ये घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। लारवा मिलने पर उसे नष्ट करेंगे। इसके अलावा लोगों को जागरूक करेंगे। डयूटी लगाने से पहले इन्हें विशेष ट्रे¨नग दी गई है।
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3 से 5 दिन तक चढ़ता है बुखार :
उप सिविल सर्जन डॉ.हनुमान ने बताया कि डेंगू बुखार की तीन स्टेज होती है। पहली स्टेज में व्यक्ति को तीन से पांच दिन तक व्यक्ति को बुखार चढ़ता है। इस दौरान मरीज की प्लेटलेट्स एक लाख के करीब हो जाती हैं। इसके बाद बुखार चढ़े छह से आठ दिन होने पर व्यक्ति की प्लेटलेट्स 40 हजार के करीब हो जाती हैं। इसके बाद तीसरी स्टेज में प्लेटलेट्स बढ़ने लगते हैं। यदि इलाज के बाद भी प्लेटलेट्स कम होती हैं तो मरीज खतरे की ओर चला जाता है।
एक स्वस्थ व्यक्ति में डेढ़ लाख से चार लाख तक प्लेटलेट्स होते हैं। जब व्यक्ति की प्लेटलेट्स 20 हजार से नीचे रह जाती हैं तो वह व्यक्ति खतरे के घेरे में जाता है। वहीं व्यक्ति की हालत को देखते हुए 10 हजार प्लेटलेट्स होने पर ही मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाई जाती हैं।
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इनकी भी सुनिए :
हमारी पास दो फो¨गग मशीन हैं, जिनमें से एक मशीन खराब हो गई है। जिसे ठीक करने के लिए रोहतक भेजा गया। उस पर दो लाख रुपये खर्चा बताया जा रहा है। नई मशीन आठ लाख रुपये की है। 10 दिन बाद ठंड हो जाएगी, ऐसे में नई मशीन की जरूरत नहीं है। भूना से एक मशीन मंगवाई गई है, उससे काम चलाया जा रहा है।
अमन ढांडा
ईओ, नगर परिषद फतेहाबाद
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स्वास्थ्य विभाग डेंगू व मलेरिया को लेकर शुरू से ही गंभीर है। लोगों को जागरूक करने के लिए समय से ही टीमें लगा दी गई थी। इसके अलावा सिविल अस्पताल में डेंगू का एलाइजा टेस्ट भी निश्शुल्क है। फो¨गग का काम नप, नपा व पंचायतों को दे रखा है। सर्वे करने के लिए अब सक्षम युवा भी लगाए गए हैं। जिन्हें विशेष ट्रे¨नग दी गई है।
- डॉ.हनुमान
उप सिविल सर्जन, फतेहाबाद
