यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 10, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिमागी बुखार का एक संदिग्ध मामला पाया गया

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद:
जिले में दिमागी बुखार ने दस्तक दे दी है। मैनिंगजाइटिस (दिमागी बुखार) का एक संदिग्ध मामला सामने आया है। बृहस्पतिवार शाम को तेज बुखार से पीड़ित सुरेंद्र को (35) को बीके.अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डाक्टरों ने सुरेंद्र को सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली रेफर कर दिया। वैसे अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
इस वर्ष संदिग्ध दिमागी बुखार का का यह पहला मामला है। पिछले वर्ष भी बादशाह खान अस्पताल की ओपीडी में दिमागी बुखार के 16 मामले आए थे। इनके अलावा दिमागी बुखार के 13 मरीजों को भर्ती किया गया था।
गांव पिंगौड़, हसनपुर निवासी वीर सिंह का बेटा सुरेंद्र चार-पांच दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था। परिजन सुरेंद्र को गांव के आसपास के कई निजी डॉक्टरों के पास इलाज के लिए ले गए, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ। बृहस्पतिवार शाम उसे बेहोशी की हालत में बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुरेंद्र के भाई ने डॉक्टरों को बताया कि उसे कई दिनों से घबराहट हो रही है और तेज बुखार उतर नहीं रहा है। जांच पर उसमें दिमागी बुखार के लक्षण दिखाई पड़े, जिसके बाद उसे रेफर कर दिया गया।
------------
ये हैं दिमागी बुखार के लक्षण
-तेज बुखार का होना।
-बहकी-बहकी बातें करना।
-उल्टी आना।
-सिर में दर्द होना।
-कई बार कई घंटे तक बेहोशी की हालत रहती है।
