यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दो सप्ताह में दादरी में डेंगू से संभावित दूसरी मौत
जागरण संवाददाता, चरखी दादरी : दो सप्ताह के अंतराल में दादरी शहर में शनिवार देर रात ड

जागरण संवाददाता, चरखी दादरी :
दो सप्ताह के अंतराल में दादरी शहर में शनिवार देर रात डेंगू संभावित दूसरे मासूम की मौत हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने मासूम की मौत डेंगू से होने की पुष्टि नहीं की है। शहर में संदिग्ध डेंगू पीड़ित दूसरे बच्चे की मौत से क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है। दादरी जिले में पिछले कुछ समय के दौरान डेंगू तेजी से फैल रहा है। स्थानीय सरकारी अस्पताल में डेंगू की जांच व उपचार न होने के कारण मरीज सीधे निजी अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंच रहे है। तीन दिन पूर्व 9 नवंबर को शहर के वार्ड 10 देवटिया मौहल्ला निवासी संजय कुमार के चार वर्षीय पुत्र हार्दिक को बुखार हुआ था। जिस दूसरे दिन उसे शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने पहले दिन उसे वायरल बुखार तथा दूसरे दिन रक्त की जांच करवाकर उसे डेंगू होना बताया तथा रेफर कर दिया। जिस पर परिजन शनिवार दिन में उसे भिवानी के एक निजी अस्पताल में ले गए। यहां भी चिकित्सकों ने उसकी ¨चताजनक हालत बताते हुए रोहतक पीजीआई के लिए रेफर कर दिया। परिजन बच्चे को पीजीआई के बजाय हिसार के एक निजी अस्पताल में ले गए। जहां देर रात उसने दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों के अनुसार तीनों ही निजी चिकित्सकों ने हार्दिक को डेंगू होना बताया था। रविवार सुबह परिजन मासूम को शव लेकर दादरी पहुंचे तथा अत्यंत गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया।
-----------
दो पुत्रों में बड़ा था हार्दिक
मृतक के पिता संजय कुमार ने बताया कि उसके दो पुत्रों में हार्दिक बड़ा था। वह शहर के ही एक निजी स्कूल का छात्र था। शुक्रवार को स्थानीय निजी चिकित्सक ने उसकी जांच करवाकर डेंगू होना बताया तथा प्लेटलेट 48 हजार बताई। जिस पर वे उसे भिवानी ले गए। भिवानी में उसके रक्त की दोबारा जांच करवाकर चिकित्सक ने प्लेटलेट 63 हजार बताई तथा यहां से भी उसे रेफर कर दिया गया। इसके बाद हिसार के चिकित्सक ने भी उसे डेंगू बताते हुए उपचार शुरू कर दिया। जहां देर रात एक इंजेक्शन लगाने के बाद उसका शरीर फूलता चला गया तथा बाद में उसकी मौत हो गई। संजय ने बताया कि तीनों ही चिकित्सकों ने हार्दिक को डेंगू बताते हुए उसका उपचार किया था।
------------
डेंगू से नहीं हुई मौत
दादरी सरकारी अस्पताल की एसएमओ डा. अनिता गुलिया ने बताया कि उन्होंने तीनों चिकित्सकों द्वारा की गई बच्चे के रक्त की जांच की रिपोर्ट देखी है। तीनों में से एक भी चिकित्सक ने डेंगू का टेस्ट किया ही नहीं है। डेंगू के नाम पर केवल बरगलाया जा रहा है। बच्चे की केवल प्लेट्लेट जांची गई है। जिसमें भी सभी ने अलग-अलग रिपोर्ट दिखाई है। इसके अलावा तीनों ही रिपोर्ट में बच्चे को इंफेक्शन दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को डेंगू की संभावना लगती है तो वे तुरंत सरकारी अस्पताल में आए। यहां उनके रक्त के सैंपल लेकर निशुल्क जांच होगी। यदि जांच में डेंगू मिलता है तो उसका उपचार किया जाएगा।
