विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

धरती से दूसरे ग्रह के टकराने से ही बना चंद्रमा

By Babita kashyapEdited By:
Published: Wed, 28 Sep 2016 03:52 PM (IST)Updated: Wed, 28 Sep 2016 03:56 PM (IST)

एक ताजा अध्ययन में दावा किया गया है कि करीब 4.5 अरब साल पहले पृथ्वी से दूसरे ग्रह के टकराने से ही चंद्रमा अस्तित्व में बना था।

News Article Hero Image

वाशिंगटन, प्रेट्र। चंद्रमा की उत्पत्ति को लेकर अब तक कई तरह के दावे किए जा चुके हैं। एक ताजा अध्ययन में दावा किया गया है कि करीब 4.5 अरब साल पहले पृथ्वी से दूसरे ग्रह के टकराने से ही चंद्रमा अस्तित्व में बना था। इससे चंद्रमा की उत्पत्ति से जुड़ी सबसे ज्यादा प्रचलित परिकल्पना की ही पुष्टि होती है।

अध्ययन के अनुसार सतह की गहराई में लौह परत और दूसरे तत्वों के सुबूत वैज्ञानिकों की लंबे समय से चली आ रही परिकल्पना का समर्थन करते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है चंद्रमा की उत्पत्ति पृथ्वी से हुई है। उनकी दलील है कि विशाल टुकड़े अंतरिक्ष में टकराए थे जिससे चंद्रमा की उत्पत्ति हुई। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी से जुड़ी मेलिस लंदेउ ने कहा, 'हमारे परीक्षण सबसे प्रभावी परिकल्पना को अतिरिक्त साक्ष्य मुहैया कराते हैं।' इसी यूनिवर्सिटी के रिसर्च प्रोफेसर पीटर ओल्सन का कहना है कि यह पृथ्वी के उपग्रह के निर्माण संबंधी सबसे प्रचलित वैज्ञानिक परिकल्पना है। हालांकि यह अभी भी पूरी तरह साबित नहीं हो सका है।

READ: शनि के सबसे बड़े चंद्रमा टाइटन पर दिखा बर्फ का एक 'रहस्यमय' बादल