विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2012 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चांद से भी चमकीला हो सकता है नया पुच्छलतारा

By Edited By:
Published: Wed, 03 Oct 2012 04:26 PM (IST)

वाशिंगटन। खगोलविदें ने एक नए पुच्छलतारे को खोज निकालने का दावा किया है जो चांद से भी अधिक चमकीला हो ...और पढ़ें

News Article Hero Image

वाशिंगटन। खगोलविदें ने एक नए पुच्छलतारे को खोज निकालने का दावा किया है जो चांद से भी अधिक चमकीला हो सकता है। इसकी खोज करने वालों में एक भारतीय मूल के खगोलविद् भी शामिल हैं।

नेशनल जियोग्राफिक की रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी खगोलविदें ने हाल ही में पृथ्वी से नौ करोड़ किमी की दूरी पर 2012 एस 1 पुच्छलतारे को देखा है। यह इस समय कम चमकीला है और शनि और बृहस्पति ग्रहों के बीच सीधी रेखा में जा रहा है। सूर्य का गुरुत्वाकर्षण पुच्छलतारे को अपने नजदीक खींच रहा है। इससे धूल व बर्फ उड़ेगी और यह बहुत चमकीला हो जाएगा। खगोलविद् रमींद्र सिंह सामरा ने कहा कि सूर्य से दूरी के बावजूद यह पुच्छलतारा बहुत चमकीला है। नेशनल जियोग्राफिक ने कनाडा के एचआर मैकमिलन अंतरिक्ष केंद्र के सामरा के हवाले से कहा है कि यह पुच्छलतारा सबसे चमकीले आकाशीय पिंडों में से एक हो सकता है। 2012 एस 1 के मंगल से एक करोड़ किलोमीटर की दूरी से भी गुजरने की संभावना है और लाल ग्रह पर गए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के क्यूरियोसिटी रोवर को शानदार नजारा दिख सकता है।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर