विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाईकोर्ट ने रेप पीड़िता को दी आरोपी के परिवार के साथ रहने की इजाजत

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Sat, 18 Feb 2017 02:45 AM (IST)Updated: Sat, 18 Feb 2017 03:09 AM (IST)

गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार को आनंद जिले में पुलिस को निर्देश दिया कि गर्भवती लड़की को उसके कथित दुष्‍कर्मी के परिवार के पास पहुंचा दिया जाए।

हाईकोर्ट ने रेप पीड़िता को दी आरोपी के परिवार के साथ रहने की इजाजत
हाईकोर्ट ने रेप पीड़िता को दी आरोपी के परिवार के साथ रहने की इजाजत

अहमदाबाद। गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार को आनंद जिले में पुलिस को निर्देश दिया कि गर्भवती लड़की को उसके कथित दुष्कर्मी के परिवार के पास पहुंचा दिया जाए क्योंकि उस लड़की ने कोर्ट को पहले बताया था कि वह उसे प्यार करती है और बच्चे को जन्म देना चाहती है।

माहीसागर जिले के सामाजिक कल्याण अधिकारी से कोर्ट ने युवक के घर का पता लिया ताकि बच्चे का जन्म सुरक्षित हो सके।

24 हफ्ते के गर्भ को हटाने के निचली अदालत के आदेश को नकारते हुए लड़की ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। निचली अदालत ने कहा था नियम के अनुसार 20 हफ्ते के बाद गर्भपात की इजाजत नहीं दी जा सकती।

जस्टिस जे बी पार्डिवाला को पीड़िता ने कहा कि वह आरोपी से प्यार करती है और उसके घर में रहना चाहती है साथ ही बच्चे को जन्म देने की भी इच्छा जताई। आरोपी को भी कोर्ट की ओर से बुलाया गया, जहां उसने कहा कि वह बच्चे का ध्यान रखेगा।

कोर्ट ने लड़की के उस बयान को नोट किया जिसमें उसने बताया है कि आरोपी के साथ उसके संबंध थे। अभी किडनैपिंग व रेप के आरोप में उसे जेल में रखा गया है। जबकि याचिका में कहा गया है कि वह रेप पीड़िता है और गर्भपात चाहती है साथ ही उसकी मां अपनी बेटी से जयादा समाज की चिंता कर रही है।

यह था मामला

भलेज में 17 मई 2016 को लड़की की मां ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसके बाद पुलिस अश्विन नामक युवक के साथ रह रही लड़की तक पहुंची। अश्विन को किडनैपिंग व पॉस्को अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया गया क्योंकि उस वक्त लड़की नाबालिग थी और अब उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है।