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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

MCD Election: जानें, ऐसा क्‍या हुआ जो अरविंद केजरीवाल ने आखिरकार मान ली हार

By Pratibha Kumari Edited By:
Published: Thu, 27 Apr 2017 09:22 AM (GMT+05:30)Updated: Thu, 27 Apr 2017 09:24 AM (GMT+05:30)

चुनाव नतीजों के सामने आने के बाद अरविंद केजरीवाल ने आखिरकार अपनी हार स्‍वीकार कर ली। वहीं भाजपा को बधाई ...और पढ़ें

MCD Election: जानें, ऐसा क्‍या हुआ जो अरविंद केजरीवाल ने आखिरकार मान ली हार
MCD Election: जानें, ऐसा क्‍या हुआ जो अरविंद केजरीवाल ने आखिरकार मान ली हार

नई दिल्‍ली (जेएनएन)। दिल्‍ली की सत्‍ता में काबिज आम आदमी पार्टी को नगर निगम चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। वहीं प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा ने निगम के तीनों निकायों पर अपना परचम लहराया। मगर चुनाव नतीजों से पहले हार पर पीएम मोदी की ईंट से ईंट बजा देने की चुनौती देने वाले आम आदमी पार्टी के राष्‍ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के तेवर आखिर नरम कैसे पड़ गए। 

चुनाव नतीजों के सामने आने के बाद उन्‍होंने आखिरकार अपनी हार स्‍वीकार कर ली। वहीं भाजपा को बधाई देते हुए निगमों को हर संभव मदद का भरोसा भी जताया। जबकि केजरीवाल ने यह तक कहा था कि अगर चुनाव में हारे तो ईवीएम को लेकर आंदोलन करेंगे।

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दरअसल, बुधवार को मतगणना के दौरान पार्टी के खिलाफ आ रहे रुझान के बाद अरविंद केजरीवाल से मंत्रणा कर उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और गोपाल राय ने ईवीएम को लेकर सुबह बयान दिया था। मगर माना जा रहा है कि इस बयान पर पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता सहमत नहीं थे। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि ईवीएम को लेकर पार्टी में उठ रहे स्‍वर के चलते अरविंद केजरीवाल ने देर शाम हार स्‍वीकार कर ली और भाजपा को बधाई दी। 

अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि मैं तीनों निगमों में जोरदार जीत दर्ज करने पर भाजपा को हार्दिक बधाई देता हूं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह दिल्लीवालों की सुविधा को ध्यान में रखकर भविष्य में तीनों निगमों के साथ बेहतर तालमेल के साथ काम करेंगे।

यहां यह भी गौर करने वाली बात यह है कि अरविंद केजरीवाल ने ईवीएम को लेकर बुधवार को कोई बयान नहीं दिया था। बताया जा रहा है कि पार्टी के लिए जी जान से जुटे कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने उनसे हार स्वीकार कर लेने का अनुरोध किया था। 

शायद यह पहला मौका होगा जब अरविंद केजरीवाल केजरीवाल ने हार स्वीकारी है। जबकि इससे पहले पंजाब और गोवा चुनाव के बाद उन्‍होंने ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उन्होंने पंजाब के लिए ना ही कांग्रेस और ना ही गोवा के लिए भाजपा को बधाई दी थी। राजौरी गार्डन विधानसभा उप चुनाव में भी भाजपा को जीत की बधाई नहीं दी थी।