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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जानिए, चुनाव में ममता और जयललिता की जीत के क्या हैं मायने

By kishor joshiEdited By:
Published: Thu, 19 May 2016 01:42 PM (IST)Updated: Thu, 19 May 2016 04:32 PM (IST)

विधानसभा चुनावों के नतीजों से साफ हो गया है कि ममता बनर्जी और जयललिता ने अपनी-अपनी सत्ता कायम रखी है।

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नई दिल्ली। पीएम मोदी के कांग्रेस मुक्त भारत के अभियान में जयललिता और ममता ने जीत के साथ घी डालने का काम कर दिया है। दोनों राज्यों में टीएमसी और अन्नाद्रमुक की जीत केंद्र के लिए फायदेमंद है। क्योकि इससे लेफ्ट के नेतृत्व में फूट पड़ेगी। जिसका राष्ट्रीय राजनीतिक परिवेश पर सीधा असर दिखेगा।


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जयललिता के जीत के मायने -

1- लगातार दूसरी बार तमिलनाडू में जीत दर्ज करते जयललिता राष्ट्रीय चेहरा बन जाएगीं।

2- जयललिता नीतीश व अन्य नेताओं के राष्ट्रीय राजनीति में कड़ी टक्कर दे सकती है।

3- तमिलनाडू में जयललिता की जीत ने करुणानिधि के युग समाप्त होने के संकेत दे दिए हैं।

4- जयललिता की जीत करुणानिधि के परिवार का विभाजन भी दिक्कत तलब करेगी।

5- जयललिता के जीत के साथ दक्षिण के राज्यों में काग्रेस में फूट आएगी।

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ममता के जीत के मायने-

  1. बंगाल ममता की लगातार दूसरी जीत से विधानसभा असर दिखेगा। राज्य में विकास की दर को गती मिलेगी।
  2. अन्य दलों द्वारा उठाए गए भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जनता को पता चलेगा कि बंगाल में भ्रष्टाचार चुनावी मुद्दा नही रहता है।
  3. केंद्र सरकार के बहुप्रतिक्षित जीएसटी बिल को पास कराने में दिक्कत का कम सामना करना पड़ेगा।
  4. जीएसटी पास होने से राज्य के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
  5. बंगाल में काग्रेस कमजोर होगी, जिसका असर पार्टी नेतृत्व पर दिखेगा।