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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नियम तोड़कर Supertech के बनाए 1009 फ्लैट को सील करने का आदेश

By JP YadavEdited By:
Published: Thu, 21 Apr 2016 11:29 AM (GMT+05:30)Updated: Thu, 21 Apr 2016 04:25 PM (GMT+05:30)

निर्माण में नियमों का उल्लंघन करने पर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने सुपरटेक के 1,009 फ्लैट्स और विला सील करने के आदेश दिए हैं।

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नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा में अनियमितता के आरोपों से घिरे बिल्डरों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में निर्माण में नियमों का उल्लंघन करने पर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने सुपरटेक के 1,009 फ्लैट्स और विला सील करने के आदेश दिए हैं। अथॉरिटी का कहना है कि इनके निर्माण में नियमों का उल्लंघन किया गया है।

सुपरटेक बिल्डर को अवैध रूप से बनाए गए टावरों के लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने नोटिस दिया है। नोटिस में अथॉरिटी ने सेक्टर ओमीक्रॉन में बन रहे C-ZAR प्रोजक्ट के अवैध टावरों को तीस दिन में सील करने के आदेश दिए हैं।

अथॉरिटी का कहना है कि कंपनी को जार कॉम्पलेक्स में 844 हाउसिंग यूनिट्स की अनुमति दी गई थी, लेकिन कंपनी ने 20 एकड़ की टाउनशिप में 1,853 यूनिट्स का निर्माण किया है। हालांकि, सुपरटेक ने नियमों के उल्लंघन से इनकार किया है।

अब अथॉरिटी ने नोटिस जारी कर 844 के अलावा बने फ्लैट्स को सील करने का आदेश दिया है। ग्रेटर नॉएडा अथॉरिटी ने सुपर टेक को नोटिस भेजने के साथ-साथ ये भी कहा कि अगर तीस दिनों के अंदर संतोष जनक जबाब नहीं मिला तो फलैट्स सील करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यहां पर याद दिला दें कि अभी इन फ्लैटों में कोई रहता नहीं है। इसी परिसर में रहने वाले अन्य परिवारों ने कंपनी द्वारा नियमों के उल्लंघन की शिकायत की थी। शिकायत के बाद अथॉरिटी ने 11 अप्रैल को कंपनी को नोटिस दिया था और कंपनी से 30 दिन के अंदर इन यूनिट्स को सील करने का आदेश दिया है।