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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जानें, 2000 के नए नोट पाकर भी क्यों खुश नहीं हैं दिल्ली-NCR के लोग!

By JP YadavEdited By:
Published: Fri, 11 Nov 2016 12:31 PM (IST)Updated: Fri, 11 Nov 2016 02:56 PM (IST)

कल की तरह आज भी लोग मार्केट और विभिन्न विभागों के कैश काउंटर पर नजर आए। स्पष्ट गाइडलाइन के बावजूद कुछ ऐसी जगहों पर भी लोग परेशान नजर आए।

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गुरुग्राम (जेएनएन)। 500 और 1000 के नोट बंद होने और नए नोटों के आने के बाद भी खुले पैसों को समस्या जस की तस बनी हुई है। नोट बदलने के लिए बैंक पहुंचे ज्यादातर लोगों को 2000 रुपये का नोट थमाया जा रहा है। इस 2000 के बड़े नोट ने एक और समस्या पैदा कर दी है-खुले पैसों की।

दिल्ली-एनसीआर के ज्यादातर लोग इस बात से परेशान नजर आए। उपभोक्ता 500 और 1000 के नोट के बदले बैंकों से 2000 के नोट तो ले आए, लेकिन खुले पैसों के समस्या ने स्थिति और गंभीर कर दी है।

फिलहाल रोजमर्रा के लेन-देन में भी यह 2000 का नोट काम नहीं आ रहा है। 2000 के नोट को लेकर गुरुग्राम के वकील भी परेशान है। वकीलों का कहना है कि जिला अदालत में अपने वकील को फ़ीस देने वाले लोग को खुले पैसे को लेकर परेशानी उठानी पड़ रही है। साथ ये भी कह रहे की प्रधानमंंत्री जी ने जो कदम उठाया है, वह सराहनीय है ,लेकिन खुले पैसे का इंतजाम बैंको में होना चहिए था।

वहीं, लोगों का कहना है कि उन्होंने बैंक के बााहर घंटोंं खड़े होकर भले 2000 का नोट हासिलकर जीत हासिल कर ली हो ,लेकिन उनके के लिए 2000 का नोट मुसीबत बना हुआ है। इसके पीछे वजह यह है कि मार्केेट में कोई खुले पैसे नहींं दे रहा है।

लोगोंं का कहना है कि दो हजार का नोट देखते ही कोई सामान नही देता। चाहे वह दूध हो राशन हो, पेट्रोल पंप हो, मेडिकल हो आखिर क्या किया जाए। गुरुग्राम के एक शख्स का कहना है कि अगर पांच सौ के नोट बंद किए हैं, तो उसे पहले बैंक में देना चहिए था। वहीं, परेशानी भी कायम है, क्योंकि आज भी शहर के सभी एटीएम बंद है ।

कल की तरह आज भी लोग मार्केट और विभिन्न विभागों के कैश काउंटर पर नजर आए। स्पष्ट गाइडलाइन के बावजूद कुछ ऐसी जगहों पर भी लोग परेशान नजर आए, जहां इस तरह के नोट के चलने की छूट दी गई थी। इन सरकारी और गैर सरकारी संस्थानाें के अलावा शहर में हर कहीं हालात ये थे कि खुले नोट नहीं होने से हर कोई 500 या 1000 के नोट लेने से कतरा रहा था।

बिजली निगम में कैश से बिल नहीं भरे गए। टोल पर भीड़ लगी रही। सर्राफा बाजार में भी लेन-देन प्रभावित रहा। समालखा और इसराना क्षेत्र में भी नोट चलने से लोग परेशान रहे।