यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
केजरीवाल के बाद NGT ने भी माना- स्मॉग से दिल्ली में आपातकाल जैसे हालात
एनजीटी ने जवाब दाखिल करने के लिए चारों राज्य सरकारों को 9 नवंबर तक का समय दिया है।

नई दिल्ली (जेएनएन)। राजधानी में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। यहां रहना गैस चैंबर में रहने जैसा है। दिल्ली हाईकोर्ट और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बाद एनजीटी ने भी इस बात को कबूला है। इस बीच दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग को लेकर बढ़ते प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी मंगलवार को सुनवाई के दौरान कहा कि यहां पर आपातकाल जैसे हालात हैं।
इसी के साथ एनजीटी ने दिल्ली के साथ पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों से जवाब दाखिल करने को कहा है कि उन्होंने प्रदूषण से निपटने को लेकर क्या उपाय किए हैं।
एनजीटी ने जवाब दाखिल करने के लिए चारों राज्य सरकारों को 9 नवंबर तक का समय दिया है। जवाब में उन्हें बताना होगा कि प्रदूषण पर काबू पाने के लिए उन्होंने क्या-क्या कदम उठाए हैं।
यहां पर बता दें कि देश के राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मंगलवार की सुबह स्मॉग का कहर देखने को मिला। जहां सोमवार की शाम को स्मॉग की वजह से विजिबिलिटी घटकर 500 मीटर तक रह गई थी,वहीं मंगलवार को सुबह हालत और बदतर हो गए। दिल्ली के कई इलाकों में विजिबिलिटी 100 मीटर तक चली गई।
दिल्ली के अलावा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद और सोनीपत में स्मॉग के चलते हवा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक पहुंच गया है। मौसम विभाग की मानें तो अगले 4-5 दिनों तक इस स्थिति में ज्यादा सुधार की गुंजाइश नहीं है।
