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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिसाहड़ा कांड पर दिल्ली में सियासत

By Amit MishraEdited By:
Published: Sat, 03 Oct 2015 08:17 PM (IST)Updated: Sat, 03 Oct 2015 09:35 PM (IST)

ग्रेटर नोएडा के बिसाहड़ा कांड पर दिल्ली में भी राजनीति शुरू हो गई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शनिवार ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। ग्रेटर नोएडा के बिसाहड़ा कांड पर दिल्ली में भी राजनीति शुरू हो गई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शनिवार को बिसाहड़ा में पीड़ित परिवार से मिलने गए। कोजरीवाल के बिसाहड़ा गांव जाने पर भाजपा ने नाराजगी जताई है।भाजपा का कहना है कि सीएम केजरीवाल और आप पार्टी इस दुखद घटना पर राजनीति कर रहे हैं।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी बिसाहड़ा कांड पर दुख व रोष जताया है। उसका कहना है कि अल्पसंख्यकों में बढ़ रही असुरक्षा की भावना चिंता का विषय है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की बहुधर्मी छवि को बचाने के लिए कदम उठाना चाहिए।

भाजपा का कहना है कि केजरीवाल का बिसाहड़ा जाना मात्र राजनीतिक नाटक है। उन्हें इस तरह की राजनीति करने के बजाय दिल्ली में डेंगू से मर रहे लोगों को बचाने में अपना ध्यान लगाना चाहिए। अब तक दिल्ली में डेंगू से कितने लोगों की मौत हो गई है, लेकिन दिल्ली सरकार ने इनकी कोई मदद नहीं की। गत माह लाडो सराय में इलाज के अभाव में डेंगू से इकलोते पुत्र की मृत्यु के बाद उसके माता-पिता ने आत्महत्या कर ली थी। शायद इतनी दुखद घटना दिल्ली में पहले कभी नहीं हुई।

डेंगू के इलाज के अभाव में मृत्यु सीधे-सीधे दिल्ली सरकार की जिम्मेवारी बनती है, लेकिन आज तक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उस परिवार से मिलना आवश्यक नहीं समझा और न ही उनके परिवार के किसी अन्य सदस्य को मुआवजा दिया। उपाध्याय ने मांग की है कि दिल्ली सरकार अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए डेंगू से मारे गए लोगों के परिजनों को कम से कम 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दे।


दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि ना तो प्रशासनिक तौर से और ना राजनीतिक तौर से दिल्ली के मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी का उत्तर प्रदेश के इस गांव से कोई रिश्ता है। वहां शांति स्थापना या पीड़ित परिवार की कोई निजी मदद करने की स्थिति में भी केजरीवाल नहीं हैं, ऐसे में समझ से परे है कि वे वहां क्या करने गए थे? स्पष्ट है कि आम आदमी पार्टी इस दुखद घटना पर राजनीति कर रही है। मुख्यमंत्री को दिल्ली में डेंगू से मर रहे लोगों के परिजनों से भी संवेदना जतानी चाहिए।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके ने कहा कि बिसाहड़ा कांड इंसानियत का कत्ल है। सभी धर्म मानवता को आपस में जोडऩे का काम करते हैं परन्तु कुछ लोग अपने राजनीतिक लाभ के लिए धर्म के सिद्धांत तथा शिक्षाओं का दुरुपयोग करते हुए तालिबानी रूख अख्तियार करके खुद इंसाफ के मसीहा बन कर इंसानियत तथा भाईचारे को शर्मसार करने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे लोग देश को कमजोर कर रहे हैं। इसलिए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।