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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सावधान, दिल्‍ली के बाजार में धड़ल्ले से बिक रहा है चीन का प्लास्टिक चावल

By JP YadavEdited By:
Published: Thu, 09 Jul 2015 08:27 AM (IST)Updated: Thu, 09 Jul 2015 01:46 PM (IST)

राजधानी में फल-सब्जियों को पकाने व ताजा रखने के लिए रसायन का प्रयोग होने की बात हाई कोर्ट में उठ ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। राजधानी में फल-सब्जियों को पकाने व ताजा रखने के लिए रसायन का प्रयोग होने की बात हाई कोर्ट में उठ चुकी है। बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि चीन से प्लास्टिक के बने सिंथेटिक चावल आयात कर व्यापारी उसे असली चावल में मिलाकर बेच रहे हैं।

पहले ही दक्षिण भारत के बाजारों में पटे पड़े चीन से लाए गए सिंथेटिक चावल मिलावटी नहीं, बल्कि पूरी तरह नकली हैं। यह चावल स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी व जस्टिस जयंत नाथ की पीठ ने मामले को गंभीरता से लिया है और याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।

अब मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी। बता दें कि बुधवार को याचिकाकर्ता अधिवक्ता सुग्रीव दुबे की फल-सब्जियों में रसायन का प्रयोग होने संबंधी याचिका पर सुनवाई तय थी। इस दौरान याचिकाकर्ता ने नया आवेदन दायर कर पीठ के समक्ष चीन से आयात हुए सिंथेटिक चावलों की जानकारी दी।

याचिकाकर्ता के अनुसार पिछले कई वर्षो से देश में चीन से असली चावल की जगह नकली सिंथेटिक चावल का आयात हो रहा है। याचिका में बताया गया कि चावल की गुणवत्ता की जांच के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। इनके सैंपल भी नहीं लिए जा रहे हैं।

चावल के अलावा बाजार में हींग, दाल और आम में रसायन का प्रयोग किया जा रहा है। याचिका में अदालत से आग्रह किया गया है कि सरकार को थोक दुकानदारों के यहां छापा मारने एवं वहां से सैंपल लेने का निर्देश दिया जाए।